(न्यूज़लाइवनाउ-New Delhi) संसद के मानसून सत्र का आज का दिन भी विधायी और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहने वाला है। लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में कई अहम मुद्दों पर चर्चा और विधायी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को विचार और पारित कराने के लिए पेश करेंगे। वहीं, राज्यसभा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को आगे बढ़ाया जाना है।
लोकसभा में जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून पर होगी चर्चा
लोकसभा की कार्यसूची में Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 को प्रमुख स्थान दिया गया है। गृह मंत्री अमित शाह इस विधेयक को सदन में विचार और पारित करने के लिए आगे बढ़ाएंगे। प्रस्तावित कानून के जरिए 1969 के जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम में बदलाव किए जाने हैं।
विधेयक में जन्म या मृत्यु की सूचना लंबे समय बाद दिए जाने की स्थिति में पंजीकरण की प्रक्रिया से जुड़े प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव है। एक साल से अधिक और दो साल तक की देरी से दी गई सूचना के पंजीकरण के लिए जिला मजिस्ट्रेट, उप-मंडल मजिस्ट्रेट या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश की व्यवस्था प्रस्तावित है।
लोकसभा में Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 पर भी विचार होना है। केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इस विधेयक को विचार और पारित कराने के लिए पेश करेंगे।
यह विधेयक सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या से संबंधित मौजूदा व्यवस्था में संशोधन का प्रस्ताव रखता है। इसके जरिए अदालत में बढ़ते मामलों और न्यायिक कार्यभार के बीच न्यायाधीशों की संख्या को लेकर कानूनी ढांचे में बदलाव किया जाना है।
राज्यसभा में MSME विधेयक पर होगी नजर
उधर, राज्यसभा में Micro, Small and Medium Enterprises Development (Amendment) Bill, 2026 को आगे बढ़ाने की तैयारी है। यह विधेयक देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र से जुड़े मौजूदा कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखता है।
MSME क्षेत्र देश में रोजगार, उत्पादन और छोटे कारोबार की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में इस विधेयक पर सदन की चर्चा का उद्योग जगत और छोटे कारोबारियों के लिए खास महत्व माना जा रहा है।
लोकसभा में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रिया भी सामने आएगी। सदन में उस संयुक्त समिति के कार्यकाल को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार होना है, जिसे संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 और केंद्रशासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 पर रिपोर्ट तैयार करनी है।
इन विधेयकों को पहले ही संयुक्त समिति के पास भेजा जा चुका है। अब समिति को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय देने का प्रस्ताव सदन के सामने रखा जाएगा।
सदन की कार्यवाही से पहले रखे जाएंगे दस्तावेज
विधायी कामकाज शुरू होने से पहले सरकार की ओर से विभिन्न दस्तावेज और रिपोर्ट सदन की मेज पर रखी जाएंगी। ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज से संबंधित स्थायी समिति की रिपोर्ट भी पेश किए जाने की कार्यसूची है।
मानसून सत्र के शुरुआती दिनों में विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर तीखी तकरार देखने को मिली है। विपक्ष ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की है। इसी मुद्दे पर पिछले दिन लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई थी।
इससे पहले संसद ने वंदे मातरम से संबंधित राष्ट्रीय सम्मान संशोधन विधेयक को भी मंजूरी दी। राज्यसभा से पारित होने के बाद लोकसभा ने भी इसे मंजूरी दी, जिसके बाद यह राष्ट्रपति की स्वीकृति की प्रक्रिया में है।
आज के कामकाज पर टिकी निगाहें
कुल मिलाकर, 31 जुलाई का संसदीय एजेंडा कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों से भरा है। एक ओर सरकार जन्म-मृत्यु पंजीकरण, सुप्रीम कोर्ट और MSME से जुड़े विधेयकों को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, वहीं दूसरी ओर विपक्ष की ओर से हालिया छात्र प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े सवाल उठाए जाने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में आज संसद में विधायी कामकाज के साथ राजनीतिक टकराव भी देखने को मिल सकता है।
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