सत्य निकेतन हादसा: घायलों से मिलने एम्स पहुंचीं सीएम रेखा गुप्ता, 7 लोगों की मौत

(न्यूज़लाइवनाउ-New Delhi) नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत ढहने की दर्दनाक घटना के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार को एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। उन्होंने हादसे में घायल छात्रों और मजदूर से मुलाकात कर उनकी सेहत की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और पीड़ित परिवारों से भी बातचीत की और सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

घायलों का जाना हाल

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि उन्होंने हादसे में घायल बच्चों से मुलाकात की है। उनके मुताबिक, एक मजदूर अस्पताल में भर्ती है और उसकी स्थिति फिलहाल ठीक है। दो छात्र भी खतरे से बाहर बताए गए हैं, जबकि एक घायल छात्र का इलाज आईसीयू में चल रहा है।मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। सरकार इलाज के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराएगी।

हादसे में 7 लोगों की गई जान

सत्य निकेतन में रविवार को लड़कों के छात्रावास के तौर पर इस्तेमाल की जा रही करीब 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। यह इमारत दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के नजदीक स्थित थी

हादसे के बाद लगभग 27 घंटे तक मलबे में तलाश और बचाव अभियान चलाया गया। सोमवार शाम ऑपरेशन पूरा होने तक कुल 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। इनमें पांच छात्रों सहित सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई है।

पीजी संचालक परिवार गिरफ्तार

हादसे के मामले में पुलिस ने पीजी के मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया है।

अदालत ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि उनके बेटे महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, पीजी का बिजली कनेक्शन हरिराम के नाम पर था और उसके संचालन की जिम्मेदारी उनका बेटा संभालता था। संपत्ति की रजिस्ट्री उर्मिला के नाम बताई गई है।

अधिकारियों पर भी कार्रवाई

हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। पांच अधिकारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि लापरवाही या नियमों की अनदेखी के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा

सत्य निकेतन हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। अदालत ने घटना को गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पूरी जवाबदेही केवल पीजी संचालक पर डालकर सरकारी एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी से अलग नहीं हो सकतीं। मामले में दिल्ली सरकार, एमसीडी और संबंधित संस्थानों की भूमिका की भी जांच का मुद्दा उठाया गया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सख्ती के संकेत दिए हैं। उन्होंने सत्य निकेतन में हादसे के पास स्थित एक अन्य इमारत को गिराने की कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।

हादसे ने राजधानी में पीजी और पुराने भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासन की निगरानी और भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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