(न्यूज़लाइवनाउ-India) संसद के मानसून सत्र का गुरुवार का दिन भी काफी अहम माना जा रहा है। लोकसभा से पारित हो चुके लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को आज राज्यसभा में पेश किए जाने की संभावना है। सरकार इस कानून को जल्द लागू कर परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।
लोकसभा में हंगामे के बीच पारित हुआ विधेयक
बुधवार को लोकसभा में विधेयक पर लंबी चर्चा हुई। बहस के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली, छात्रों के आंदोलनों और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। इसी दौरान गृह मंत्री अमित शाह पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर सदन में भारी शोर-शराबा हुआ, जिसके कारण कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में हंगामे के बीच सदन ने विधेयक को मंजूरी दे दी।
संशोधित विधेयक का उद्देश्य पेपर लीक, संगठित परीक्षा घोटालों और अन्य अनुचित गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है। सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई संभव होगी और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसमें अपराधियों के लिए अधिक कठोर दंड और संगठित नेटवर्क पर शिकंजा कसने के प्रावधान शामिल किए गए हैं।
विपक्ष ने उठाए कई सवाल
विपक्षी दलों का कहना है कि केवल कानून को कठोर बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में प्रशासनिक सुधार, जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए बिना पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाना मुश्किल है। विपक्ष ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और हाल के आंदोलनों का भी जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा।
लोकसभा से पारित होने के बाद अब सभी की नजर राज्यसभा पर है। संभावना है कि सदन में विधेयक पर विस्तृत चर्चा होगी, जहां सत्ता पक्ष इसे छात्रों के हित में बड़ा कदम बताएगा, जबकि विपक्ष इसके विभिन्न प्रावधानों पर सवाल उठा सकता है।
सरकार का दावा
केंद्र सरकार का कहना है कि इस संशोधन के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत होगी, नकल और पेपर लीक के संगठित गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी तथा ईमानदार अभ्यर्थियों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।