सौरभ राजपूत हत्याकांड: अभियोजन ने मांगी फांसी, बचाव पक्ष ने बेटियों के भविष्य का दिया हवाला

(न्यूज़लाइवनाउ-India) मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड, जिसे ‘नीला ड्रम केस’ के नाम से भी जाना जाता है, में दोषियों की सजा को लेकर अदालत में दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस हुई। अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और वारदात की क्रूरता का उल्लेख करते हुए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के लिए मृत्युदंड की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष ने मुस्कान की दो बेटियों के भविष्य और उनके पालन-पोषण का हवाला देकर अदालत से सजा में नरमी बरतने की अपील की।

अभियोजन पक्ष ने की कठोरतम सजा देने की मांग

जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में सजा के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने अभियोजन की ओर से अपना पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि यह मामला अपराध की गंभीरता और उसे अंजाम देने के कथित तरीके के कारण बेहद संवेदनशील है।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मुस्कान रस्तोगी ने सौरभ राजपूत से प्रेम विवाह किया था, लेकिन बाद में साहिल शुक्ला के साथ मिलकर उसकी हत्या की। आरोप के अनुसार, वारदात के बाद सौरभ के शव के टुकड़े किए गए और उन्हें ठिकाने लगाने के लिए नीले ड्रम में रखकर सीमेंट का इस्तेमाल किया गया।

सरकारी पक्ष ने इन परिस्थितियों को आधार बनाते हुए दोनों दोषियों को मृत्युदंड देने की मांग की। अभियोजन का तर्क था कि अपराध की गंभीरता के अनुरूप सजा दी जानी चाहिए, ताकि समाज में कानून के प्रति विश्वास कायम रहे और गंभीर अपराध करने वालों को कड़ा संदेश मिले।

बचाव पक्ष ने बेटियों की परवरिश का उठाया मुद्दा

दूसरी ओर, बचाव पक्ष की अधिवक्ता रेखा जैन ने अदालत से दोषियों के प्रति नरम रुख अपनाने का अनुरोध किया। उन्होंने मुस्कान की दो बेटियों के भविष्य, उनकी देखभाल और परवरिश से जुड़ी परिस्थितियों को सामने रखा।

बचाव पक्ष की दलील थी कि सजा निर्धारित करते समय दोनों बच्चियों के भविष्य पर भी विचार किया जाना चाहिए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुस्कान की बड़ी बेटी अपने ननिहाल में रह रही है, जबकि छोटी बेटी जेल में उसके साथ है।

बचाव पक्ष ने इन पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देकर अदालत से कम सजा देने की अपील की। इस तरह सुनवाई के दौरान अभियोजन ने जहां अपराध की गंभीरता को प्रमुखता दी, वहीं बचाव पक्ष ने बच्चों के भविष्य को सजा निर्धारण में ध्यान देने योग्य पहलू बताया।

क्या है सौरभ राजपूत हत्याकांड?

मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के रहने वाले सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया गया। जांच के दौरान शव को नीले ड्रम में छिपाने का मामला सामने आने के बाद यह घटना देशभर में चर्चा का विषय बन गई।

अदालत में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। इसके बाद दोनों को हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया और सजा तय करने के लिए 14 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई।

अदालत के फैसले पर टिकी निगाहें

सजा पर बहस के बाद अब इस मामले में अदालत के निर्णय को लेकर लोगों की उत्सुकता बनी हुई है। एक तरफ अभियोजन पक्ष ने मृत्युदंड की मांग की, तो दूसरी ओर बचाव पक्ष ने पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर राहत देने की अपील की।

अदालत का निर्णय ही तय करेगा कि मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को किस प्रकार की सजा मिलेगी।

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