दिल्ली में प्रदर्शन का असर: बैरिकेडिंग के बीच फंसे विदेशी पर्यटक, किसी का घूमने का सपना टूटा तो कोई एयरपोर्ट जाने को परेशान

(न्यूज़लाइवनाउ-Delhi) दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर किए गए कड़े सुरक्षा इंतजामों का असर अब राजधानी घूमने आए विदेशी सैलानियों पर भी दिखाई देने लगा है। सड़कों पर बैरिकेडिंग, यातायात मार्गों में बदलाव और कई इलाकों में आवाजाही पर पाबंदियों के चलते पर्यटकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोई लाल किला और इंडिया गेट देखने की योजना पूरी नहीं कर पाया, तो किसी को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए खुले रास्तों की तलाश में भटकना पड़ा।

दिल्ली घूमने आए विदेशी मेहमानों की योजनाएं हुईं प्रभावित

राजधानी में प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने से विदेश से आए कई पर्यटकों का घूमने-फिरने का कार्यक्रम बिगड़ गया। न्यूजीलैंड से आए मार्क और टैना, स्पेन से पहुंचे जियोमो और मैरियल तथा लंदन के पीटर और केल्विन को अलग-अलग तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ा।

दिल्ली की ऐतिहासिक इमारतों और मशहूर पर्यटन स्थलों को करीब से देखने की उम्मीद लेकर आए इन लोगों को रास्तों पर लगाए गए अवरोधों के कारण अपनी योजनाएं बदलनी पड़ीं।

एयरपोर्ट जाने निकले पीटर और केल्विन रास्ते में उलझे

लंदन से भारत आए पीटर और केल्विन को एयरपोर्ट पहुंचना था, लेकिन पुलिस की ओर से की गई घेराबंदी ने उनकी राह मुश्किल कर दी। कई मार्गों पर बैरिकेड लगे होने और ट्रैफिक डायवर्जन के कारण उन्हें आगे बढ़ने में परेशानी हुई।

स्थिति यह थी कि एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए कौन-सा रास्ता खुला है, इसकी जानकारी जुटाने में भी उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण उनकी यात्रा का कार्यक्रम प्रभावित हुआ।

लाल किला और इंडिया गेट देखने की हसरत अधूरी

स्पेन से आए जियोमो और मैरियल के साथ न्यूजीलैंड के मार्क भी दिल्ली के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करना चाहते थे। हालांकि, सड़कों पर जगह-जगह बैरिकेडिंग और आवाजाही पर रोक के चलते उन्हें परेशानी उठानी पड़ी।

जियोमो के मुताबिक, वे दिल्ली घूमने के इरादे से निकले थे, लेकिन रास्तों में लगाए गए अवरोधों के कारण पर्यटन स्थलों तक नहीं पहुंच सके। मैरियल ने भी बताया कि उन्होंने राजधानी घूमने के लिए समय निकाला था, मगर प्रदर्शन के चलते उनकी पूरी योजना प्रभावित हो गई।वहीं, मार्क की इच्छा लाल किला और इंडिया गेट देखने की थी। दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत को करीब से जानने का उनका कार्यक्रम भी सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण पूरा नहीं हो सका।

3 दिन होटल में ही रहने को मजबूर हुईं टैना

न्यूजीलैंड से भारत आईं टैना की परेशानी सबसे ज्यादा रही। उनका भारत में ठहरने का कार्यक्रम केवल तीन दिनों का था, लेकिन प्रदर्शन के कारण उनके ये तीनों दिन होटल में ही गुजर गए।

रिपोर्ट के अनुसार, टैना जंतर-मंतर के नजदीक अशोक रोड स्थित एक होटल में ठहरी हुई थीं। दिल्ली के प्रमुख स्थलों को देखने के लिए भारत आईं टैना को सुरक्षा व्यवस्था के चलते घूमने का अवसर नहीं मिल पाया। इस तरह उनकी छोटी-सी यात्रा का बड़ा हिस्सा होटल में ही बीत गया।

सुरक्षा इंतजामों के बीच आम लोगों और पर्यटकों को परेशानी

दिल्ली में प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई थी। इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना था, लेकिन सड़कों पर प्रतिबंधों और यातायात में बदलाव से पर्यटकों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।

विदेशी सैलानियों के अनुभव बताते हैं कि बड़े आयोजनों और विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का असर केवल प्रदर्शनकारियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शहर घूमने आए मेहमानों की यात्रा, समय और पर्यटन योजनाओं पर भी पड़ सकता है।

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