सुप्रीम कोर्ट परिसर में हंगामा: लखनऊ विश्वविद्यालय के 2 विधि छात्र गिरफ्तार, CJI पर अभद्र टिप्पणी का आरोप

(न्यूज़लाइवनाउ-India) सुप्रीम कोर्ट परिसर में न्यायिक कार्यवाही के दौरान कथित तौर पर व्यवधान उत्पन्न करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने लखनऊ विश्वविद्यालय के एलएलबी के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत की कार्यवाही में बाधा डालने और अनुशासन भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया है। 

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार छात्रों की पहचान 24 वर्षीय प्रबल प्रताप सिंह और 23 वर्षीय चंद्रभान के रूप में हुई है। दोनों लखनऊ विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा कर्मियों की शिकायत के आधार पर तिलक मार्ग थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 132, 221, 224 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

जानकारी के मुताबिक, यह घटना 10 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर-13 में हुई, जहां एसएलपी संख्या 31367/2026 (प्रबल प्रताप एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य आयुक्त) पर सुनवाई चल रही थी। इस दौरान याचिकाकर्ता के रूप में स्वयं पेश हुए प्रबल प्रताप सिंह पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर अदालत की कार्यवाही में व्यवधान डाला। 

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ आपत्तिजनक और असम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, उसने कोर्ट कक्ष के भीतर दस्तावेज फेंके और शोर-शराबा कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की। इस दौरान उसके साथ मौजूद दूसरे छात्र की भूमिका भी जांच के दायरे में आई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। 

दिल्ली पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। अदालत की गरिमा और न्यायिक कार्यवाही में बाधा पहुंचाने से जुड़े आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

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