कमजोर रुपया और आयात शुल्क में बढ़ोतरी के कारण स्मार्टफोन की बढ़ सकती हैं कीमतें

आने वाले दिनों में फोन के दाम बढ़ सकते हैं। आयात शुल्क बढ़ने और डॉलर की तुलना में रुपया 15% कमजोर होने के चलते कंपनियों पर बोझ बढ़ा है

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : आने वाले दिनों में फोन के दाम बढ़ सकते हैं। आयात शुल्क बढ़ने और डॉलर की तुलना में रुपया 15% कमजोर होने के चलते कंपनियों पर बोझ बढ़ा है। अब वे इसे ग्राहकों पर डालेंगी। यह कहना है रिसर्च फर्म आईडीसी इंडिया के एसोसिएट रिसर्च डायरेक्टर नवकेंद्र सिंह का। सूत्रों के मुताबिक कंपनियां हैंडसेट के दाम 5 से 8 फीसदी तक बढ़ा सकती हैं। नवकेंद्र ने कहा कि आगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाली डिवाइस, फुल स्क्रीन डिस्प्ले, ज्यादा मेमोरी जैसी विशेषताओं की की वजह से सस्ते और मिड रेंज के फोन की डिमांड ज्यादा बढ़ेगी। इसमें एक नया अफॉर्डेबल प्रीमियम सेगमेंट बन रहा है।चाइनीज कंपनियां श्याओमी और रियलमी कुछ मॉडल के दाम पहले ही बढ़ा चुकी हैं। श्याओमी ने बजट स्मार्टफोन रेडमी 6 और 6ए की कीमत बढ़ाई है। ईकॉमर्स के जरिए फोन बेचने वाली रियलमी ने दो हैंडसेट के दाम बढ़ाए हैं। रियलमी 1 की कीमत 6,999 से बढ़कर 7,999 रुपए हो गई है। रियलमी 2 के 3जीबी वैरिएंट की कीमत 8,990 से बढ़ाकर 9,499 की गई है।

 50-50: पहली बार स्मार्ट-फीचर फोन का मार्केट शेयर बराबर 

  • आईडीसी इंडिया ने गुरुवार को भारत में फोन बिक्री के आंकड़े भी जारी किए। इसके मुताबिक जुलाई से सितंबर के दौरान रिकॉर्ड 4.26 करोड़ स्मार्टफोन बिके हैं। यह पिछले साल की सितंबर तिमाही से 9.1% ज्यादा है। पिछले साल 3.91 करोड़ फोन बिके थे।
  • रिपोर्ट के मुताबिक पहली बार स्मार्टफोन और फीचर फोन का मार्केट शेयर लगभग 50-50 बराबर रहा है। इस तिमाही 4.31 करोड़ फीचर फोन की बिक्री हुई। इसमें सालाना आधार पर 2.1% ग्रोथ दर्ज हुई है। जियो फीचर फोन के शिपमेंट में गिरावट आई है।
  • आईडीसी की एसोसिएट रिसर्च मैनेजर उपासना जोशी ने बताया कि त्योहारों में ई-कॉमर्स कंपनियों के ऑफर्स के चलते स्मार्टफोन की बिक्री में ज्यादा ग्रोथ दिखी है। कंपनियों ने जीरो कॉस्ट ईएमआई, बायबैक गारंटी व कैशबैक जैसे ऑफर दिए।
  • प्रीमियम सेगमेंट यानी 30,000 रुपए से ज्यादा कीमत वाले फोन के मार्केट में वनप्लस ने सैमसंग और एपल को छोड़कर पहला स्थान लिया। इसके वनप्लस 6 फोन की डिमांड सबसे ज्यादा रही।

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