कुल्लू दशहरा : 7 प्रतिशत कमाई गोवंश के संरक्षण पर होगी खर्च
प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश में बेसहारा पशुओं की बढ़ती संख्या एक बड़ी समस्या बन चुकी है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने गोवंश संरक्षण की योजना बनाई है।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : देवी-देवताओं के महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव से जुटने वाली राशि का 5 से 7 फीसदी हिस्सा गोवंश पर खर्च होगा। प्रशासन गोसदनों के निर्माण और बेसहारा पशुओं के संरक्षण पर इस राशि को खर्च करेगा।इसके अलावा मेला स्थल ढालपुर मैदान के सौंदर्यीकरण पर भी कुछ राशि खर्च की जाएगी। दशहरा उत्सव पर प्रशासन प्लाट आवंटन समेत अन्य साधनों से करीब 5 करोड़ रुपये की कमाई करता है। उत्सव शुरू होने को एक महीना ही बाकी है। प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश में बेसहारा पशुओं की बढ़ती संख्या एक बड़ी समस्या बन चुकी है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने गोवंश संरक्षण की योजना बनाई है। इसमें बेसहारा पशुओं को रहने की सुविधा और गोशालाओं का निर्माण किया जाना है।दूसरी तरफ दशहरे से होने वाली कमाई से ढालपुर मैदान में पौधरोपण, घास लगाना, पार्क निर्माण, बैठने के लिए बेंच और एलईडी लाइट सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि दोनों कार्य महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इस बार पहले से ही योजना बना ली गई है। कुल्लू का अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव सूबे का सबसे बड़ा उत्सव है। दशहरे पर देशभर से व्यापारी भाग लेने पहुंचते हैं।
अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव इस साल 19 से 25 अक्तूबर तक चलेगा। इसमें 250 के करीब देवी-देवता शिरकत करते हैं। देव संस्कृति के लिए विश्वभर में विख्यात कुल्लू दशहरे में कई विदेशी शोधार्थी भी पहुंचते हैं।उत्सव में सात दिनों तक ऐतिहासिक लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। इसमें देशभर के सभी राज्यों के कलाकारों के साथ दुनियाभर के कई देशों के कलाकार अपनी प्रस्तुति देते हैं। इसके अलावा बॉलीवुड के स्टार गायक भी दशहरा में अपना कार्यक्रम देने के लिए पहुंचते हैं।