चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के अंतर्गत बन रही कम से कम तीन बड़ी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार की खबरें सामने आने के बाद चीन ने इन परियोजनाओं के लिए फंडिंग रोकने का निर्णय लिया है। समाचार पत्र ‘डॉन’ ने मंगलवार को जारी अपनी रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है। ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन सरकार के इस फैसले के कारण पाकिस्तान नेशनल हाइवे अथॉरिटी (एनएचए) की एक लाख करोड़ डॉलर की सड़क परियोजनाओं को झटका लगेगा।
यही नहीं इस फैसले की वजह से कम से कम तीन परियोजनाओं में देरी की आशंका पैदा हो गई है। चीन के इस कदम से पाकिस्तानी अधिकारी हैरान हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीजिंग द्वारा नए दिशानिर्देश जारी किए जाने के बाद ही अब परियोजनाओं से संबंधित फंड जारी किए जाएंगे।
बता दें कि करीब 60 अरब डॉलर की अनुमानित लागत वाला चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा चीन के प्रतिष्ठित ‘वन बेल्ट, वन रोड’ परियोजना का हिस्सा है। ऐसा कहा जा रहा है कि यह परियोजना पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के एक हिस्से से भी होकर गुजरेगी। इस परियोजना के जरिए चीन का शिनजियांग क्षेत्र पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से जुड़ जाएगा।
पाकिस्तान में इन परियोजनाओं पर पड़ेगा असर
1. 210 किलोमीटर लंबा डेरा इस्माइल खान-झोब रोड जो 81 अरब की लागत से बन रहा है।
2. 110 किलोमीटर लंबा खुजदार-बसिमा रोड जो 19.76 अरब की लागत से बन रहा है।
3. रायकोट से थाकोट के बीच काराकोरम हाइवे जो 8.5 अरब रुपये की लागत से बनने वाला है।