न्यूजीलैंड की कंपनी ने कर्मचारियों से हफ्ते में 4 दिन काम कराया !! कर्मचारियों पर पड़ा सकारात्मक परिणाम !!!

इससे पहले सिर्फ 54% लोग ही अपने काम और जीवन के बीच तालमेल बैठा पाते थे

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : मोदी सरकार के खिलाफ चार साल में पहली बार लाया गया अविश्वास प्रस्ताव 199 वोटों से गिर गया। प्रस्ताव के पक्ष में 126 वोट पड़े और इसके खिलाफ 325 वोट पड़े।451 सांसदों के वोटिंग में हिस्सा लेने की स्थिति में बहुमत के लिए जरूरी संख्या 226 थी। वोटिंग से पहले शुक्रवार को लोकसभा में करीब 12 घंटे चर्चा हुई। राहुल गांधी ने 48 मिनट में केंद्र और मोदी पर आरोप लगाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेढ़ घंटे तक चर्चा का जवाब दिया। मोदी ने फ्लोट टेस्ट को फोर्स टेस्ट बताया। प्रधानमंत्री ने कहा- ये सरकार का फ्लोर टेस्ट नहीं है। कांग्रेस के तथाकथित साथियों का फोर्स टेस्ट है। मैं ही प्रधानमंत्री बनूंगा, इस सपने का फोर्स टेस्ट है।शुक्रवार सुबह 18 सांसदों वाली शिवसेना ने यू-टर्न लेते हुए कहा कि वह वोटिंग में हिस्सा नहीं लेगी। इससे 313 सांसदों वाले एनडीए का संख्याबल घटकर 295 रह गया था। हालांकि, वोटिंग के बाद सरकार के समर्थन में 325 वोट डाले गए। यानी एनडीए के अनुमान से 30 वोट ज्यादा। उधर, कांग्रेस की अगुआई वाले यूपीए के पास 63 सांसद थे। अन्य मोदी विरोधी दलों के सांसदों की संख्या 74 थी। इस तरह कुल 137 सांसद सीधे तौर पर सरकार के खिलाफ नजर आ रहे थे। लेकिन, अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 126 वोट ही पड़े। यानी विपक्ष के अनुमान से 11 वोट कम। अविश्वास प्रस्ताव की पूरी प्रक्रिया के दौरान 65 सांसद ऐसे थे, जिनके दलों का रुख साफ नहीं था।

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