पाकिस्तानी गृहमंत्री से मुलाकात नहीं करेंगे राजनाथ, नवाज से मिलेंगे

Rajnath-sing

इस्लामाबाद। सार्क देशों के गृहमंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने गृहमंत्री राजनाथ सिंह पाकिस्तान पहुंच गए हैं। इस दौरान वह पठानकोट और दूसरे आतंकी हमलों, अंडरवर्ल्ड डान दाउद इब्राहिम और सीमापार आतंकवाद के मुद्दे उठा सकते हैं।

वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया है, उन्होंने कश्मीर में चल रहे विरोध को आजादी के लिए संघर्ष बताया है, और कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा नहीं है।

वहीं आज भारत ने ये साफ कर दिया कि राजनाथ सिंह पाकिस्तान में अपने समकक्ष चौधरी निसार अली खान से द्वीपक्षीय मुलाकात नहीं करेंगे। राजनाथ सिर्फ पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ से मिलने जाएंगे।

राजनाथ के खिलाफ प्रदर्शन

बतौर गृह मंत्री पाकिस्तान की पहली यात्रा पर राजनाथ सिंह को उनकी यात्रा के खिलाफ लश्कर ए तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन आतंकी संगठनों की धमकियों के बाद कड़ी सुरक्षा प्रदान की गई है। गृह मंत्री एक हेलीकाप्टर से इस्लामाबाद के पॉश इलाके में स्थित सेरेना होटल पहुंचे।

आतंकी संगठनों की किसी भी धमकी से निपटने के लिए होटल की तरफ जाने वाले मार्गों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा अवरोधक लगाए गए हैं। अतीत में ऐसी घटनाएं हुई हैं जब आतंकवादी विस्फोटक से लदे ट्रक लेकर होटलों में घुस गए थे। कड़ी सुरक्षा के बावजूद करीब सौ लोग होटल के बाहर एकत्रित हुए और उन्होंने भारत विरोधी नारेबाजी की और राजनाथ सिंह की यात्रा के विरोध में प्रदर्शन किया।

लश्कर ए तैयबा संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन ने चेताया था कि अगर सिंह सार्क गृहमंत्रियों के सम्मेलन में शामिल होने इस्लामाबाद आए तो उनका संगठन पाकिस्तान में देशव्यापी प्रदर्शन करेगा। इस सम्मेलन का उद्घाटन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ करेंगे।

एक दिवसीय दक्षेस गृह मंत्री सम्मेलन में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद रवाना होने से पहले गृह मंत्री सिंह ने कहा कि उन्हें आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ क्षेत्र में अर्थपूर्ण सहयोग के महत्व को रेखांकित करने की आशा है।

सिंह ने कहा है कि यह सम्मेलन सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए मंच उपलब्ध कराता है। आशा है कि सिंह पाकिस्तान से भारत में आतंकवाद को प्रायोजित करना बंद करने तथा लश्कर ए तैयबा तथा जैश ए मोहम्मद जैसे संगठनों पर लगाम कसने के लिए कहेंगे।

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