पाक अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा सोशल मीडिया में उठाया गया लड़कियों के जबरन धर्मांतरण का मुद्दा।

आईएनएस की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह दावा पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा फेसबुक पर किया जा रहा है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) :   पाकिस्तान में मानवाधिकारों का हनन बदस्तूर जारी है। पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों के दौरान ही 50 अल्पसंख्यक (हिदू व सिख) लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन इनमें से किसी भी घटना पर सरकार, स्थानीय प्रशासन या पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके बाद अब इन लोगों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। आईएनएस की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह दावा पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा फेसबुक पर किया जा रहा है। ‘पाकिस्तानी हिंदूज यूथ फोरम’ और ‘सिंधी हिंदू स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान’ नाम से चल रहे फेसबुक पेज पर पिछले कुछ महीनों के दौरान जबरन धर्मांतरण व अपहरण जैसी 50 घटनाओं का जिक्र किया गया है। अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा सोशल मीडिया पर जारी की गई सूची में पहले नंबर पर कोमल का नाम है, जोकि पाकिस्तान के टैंडो अलियार इलाके की रहने वाली है। इसके बाद कराची से लक्ष्मी व सोनिया का नाम है। इसमें पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों की रहने वाली लड़कियों का जिक्र है। हालिया मामलों की बात करें तो इस सूची में शांति, सरमी मेघवाड़ और महक का नाम है। बताया जा रहा है कि हिंदू समुदाय से संबंध रखने वाली नाबालिग लड़की महक का 15 जनवरी को सिंध प्रांत के जैकोबाबाद जिले से अपहरण कर लिया गया है। पाकिस्तान में इस मुद्दे को अब सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया जा रहा है। ऐसे मामलों में पाकिस्तान सरकार का रवैया ढुलमुल है। इस तरह के मामले स्थानीय मीडिया में भी सुर्खियां नहीं बन रहे हैं। मीडिया द्वारा कोई कवरेज न मिलने पर अल्पसंख्यक समुदाय अब इस तरह के मामलों को सोशल मीडिया के जरिए सामने लाने में जुट गया है। ‘पाकिस्तानी हिंदूज यूथ फोरम’ नाम से बने एक पेज पर 30,702 लाइक्स भी हैं। अब इस पेज की मदद से ही अभियान छेड़ा गया है, जिसमें पाकिस्तान के उदारवादी लोगों से महक का साथ देने की अपील की गई है। इस पेज पर शनिवार की शाम एक पोस्ट की गई, जिसमें लिखा गया कि पाकिस्तानी हिंदुओं के साथ इस तरह की बर्बरता की जा रही है। नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय महक कुमारी का कुछ दिनों पहले अपहरण कर लिया गया था, अब वह अमरोत शरीफ में है। पोस्ट में आगे कहा गया जिससे महक की शादी की जा रही है वह पहले से शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है। वह एक श्रमिक के तौर पर काम करता है। अब वह लड़की इस्लाम में परिवर्तित कर दी गई है। पोस्ट में कहा गया कि इस तरह के मामले बार-बार हो रहे हैं, मगर इनका कोई समाधान नहीं है। यही नहीं, इस पेज पर शनिवार की सुबह एक और पोस्ट की गई, जिसमें पिछले कुछ महीनों के दौरान अल्पसंख्यक लड़कियों के अपहरण व धर्मांतरण से जुड़ी सूची अपलोड की गई है। इस सूची में इस तरह की कुल 50 पीड़िताओं के नाम बताए गए हैं। सूची में महक का नाम 50वीं पीड़िता के तौर पर दर्शाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में केवल एक यही एक फेसबुक पेज नहीं है, जो इन मुद्दों को उठा रहा है। बल्कि ‘सिंधी हिंदू स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान’ नामक पेज भी लगातार अन्य मामलों को उठा रहा है।

 

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