गया के राजेंद्र आश्रम मोहल्ले से बुधवार को गिरफ्तार आतंकी तौसीफ का संबंध 2008 के अहमदाबाद बम ब्लास्ट से रहा है, यह स्पष्ट हो चुका है। उसका कनेक्शन जम्मू-कश्मीर के पत्थरबाजों से भी रहा है। तौसीफ अहमदाबाद का रहने वाला है। वह गया में 2008 से अतीक के नाम से रह रहा था।
सूत्रों के अनुसार तौसीफ गया में ‘सिमी’ मॉड्यूल पर काम कर रहा था। वह यहां किसी बड़ी तबाही की योजना बना रहा था। आइजी नैयर हसनैन खां ने मंगलवार को ही पुलिस को निर्देश दिया था कि वह संदिग्ध लोगों पर नजर रखे। असामाजिक तत्व सामाजिक सौहार्द बिगाड़ सकते हैं। उससे केंद्रीय जांच एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं।
तौसीफ एक आतंकी संगठन से जुड़कर गया में विध्वंस की साजिश रच रहा था। अपने संगठन को मजबूत करने के लिए तौसिफ ने गया को मुख्यालय बनाया था। वह यहां से बिहार समेत पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, गुजरात, दिल्ली सहित कई प्रदेशों में अपना नेटवर्क फैलाए हुए था। अधिकारी इन बातों का खुलासा नहीं कर रहे हैं। पर सूत्रों का कहना है कि वह 2008 से ही गया और बोधगया में अपना डेरा जमाए हुए था।
वह अलग-अलग कैफे से इन प्रदेशों में अपने लोगों को संदेश भेजता था। उसी के निर्देश पर दंगे-फसाद, उपद्रवी घटनाएं होती थीं। विशेष रूप से सामाजिक सौहार्द बिगाडऩे में इसका बड़ा हाथ होता था। इसने गया और बोधगया में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी की थी। इसके बारे में पता चलते ही खुफिया एजेंसी की नींद उड़ गई।
बुधवार की शाम से गुरुवार की दोपहर तक एटीएस बिहार, रॉ, आर्मी इंटेलिजेंस, एनआइएस, एटीएस दिल्ली, पश्चिम बंगाल सहित कई खुफिया एजेंसी उससे लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें आई हैं।
एक वरीय अधिकारी का कहना है कि तौसीफ के तार जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों से भी जुड़े हैं। वह युवाओं को जाल में फंसाकर उन्हें दिग्भ्रमित कर जम्मू-कश्मीर भी भेजता था।
बुधवार को सिटी एसपी जगनाथ जला रेड्डी ने राजेंद्र आश्रम के साइबर कैफे से कंप्यूटर सेट बरामद किया था। कुछ चौंकाने वाली जानकारी मिली है। कंप्यूटर, सीपीयू और पेन ड्राइव की विशेष पड़ताल जांच एजेंसी कर रही है। उसमें कुछ बड़े सुराग जांच एजेंसी को मिले हैं, जिसका सीधा संबंध एक बड़े आतंकी संगठन से है।
अलग-अलग जांच एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार उसका एक बड़े आतंकी संगठन से सीधा संपर्क रहा है। उसके सुप्रीमो को वह नहीं जानता है, लेकिन सूचना को एक प्रदेश से दूसरे प्रदेशों में भेजने का काम करता था। इसकी पड़ताल की जा रही है।
बताया जा रहा है कि गुजरात के अहमदाबाद में बम विस्फोट के बाद तौसीफ ने बिहार के गया को सॉफ्ट टारगेट बनाया। उसके बाद उसे बोधगया के मुमताज स्कूल में शिक्षक की नौकरी मिल गई। नौकरी मिलने के बाद वह वैसी लड़कियों के संपर्क में आया, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। वैसी लड़कियों को संगठन के माध्यम से वह आर्थिक सहायता भी पहुंचाता था।
काफी संख्या में लड़कियां उसके संपर्क में आ गईं। उससे जुडऩे वाली लड़कियों व युवाओं में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। उनकी सूची भी जांच एजेंसियसें के हाथ लगी है।
तौसीफ को बुधवार की बीती रात गिरफ्तार किया गया था। वह साइबर कैफे गया था, जहां से उसकी गिरफ्तारी हुई। उसके संचालक ने शक होने पर पुलिस को सूचना दे दी थी। एक स्थानीय व्यक्ति सन्ने खां उर्फ शहंशाह व अन्य से भी पूछताछ की जा रही है।