शाही परिवार से अलग होने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था- प्रिंस हैरी

। इस समझौते के तहत उन्हें और उनकी पत्नी मेगन मर्केल को शाही उपाधि हिज रॉयल हाइनेस और हर रॉयल हाईनेस (एचआरएच) को छोड़ना होगा।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) :  प्रिंस हैरी शाही परिवार से अलग हो चुके हैं। प्रिंस हैरी ने शाही परिवार से अलग होने के औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर दुख जाहिर किया। उन्होंन कहा कि उनके पास कोई और विकल्प नहीं बचा था। इस समझौते के तहत उन्हें और उनकी पत्नी मेगन मर्केल को शाही उपाधि हिज रॉयल हाइनेस और हर रॉयल हाईनेस (एचआरएच) को छोड़ना होगा। इसके साथ ही अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए अब सार्वजनिक कोष का इस्तेमाल भी नहीं कर पाएंगे। हैरी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर दुखी भी हैं क्योंकि उन्हें चीजों के इस तरह अंजाम पर पहुंचने का अंदाजा नहीं था। हैरी ने कहा कि वह और मेगन शादी के समय उत्साहित और आशावान थे कि वे यहां अपनी सेवाएं दे पाएंगे। इस ऐतिहासिक समझौते के बाद हैरी ने अपने पहले बयान में कहा, ‘मैं उन कारणों की वजह से, बेहद दुखी हूं कि चीजें यहां पहुंच गईं।’ लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘हमें उम्मीद थी कि हम महारानी, कॉमनवेल्थ और मेरे सैन्य संघ को सेवाएं देते रहेंगे, लेकिन बिना सार्वजनिक कोष.. दुर्भाग्यवश, यह संभव नहीं है। मैंने यह जानते हुए इसे स्वीकार कर लिया कि इससे मैं जो हूं या जितना प्रतिबद्ध हूं यह नहीं बदलेगा।’ यह कदम उठाने के लिए मुझे हिम्मत देने के लिए शुक्रिया।’ हैरी यह स्पष्ट करना चाहते थे कि वह और मेगन भाग नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने यहां जन्म लिया है और अपने देश और महारानी को अपनी सेवा देना गर्व की बात है। ब्रिटेन मेरा घर है और ऐसी जगह है जिससे मुझे प्यार है और यह कभी नहीं बदलेगा।’ मेगन अपने आठ माह के बेटे आर्ची के साथ पहले से कनाडा में हैं और कुछ खबरों में कहा गया है कि वह लंबित शाही कार्यों के लिए कुछ समय के लिए ब्रिटेन लौट सकती हैं जब तक कि नया समझौता अमल में नहीं आ जाता। नया समझौता बसंत में किसी निश्चित तिथि पर अमल में आएगा जो ब्रिटेन में मार्च के अंत में शुरु होता है। इस बीच, प्रिंस हैरी तब तक अपने शाही कर्तव्य निभाते रहेंगे। धीरे-धीरे वह स्थाई रूप से इन भूमिकाओं से पीछे हट जाएंगे, रॉयल मरीन्स के कैप्टन जनरल (ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग द्वारा दिया गया पद) के तौर पर अपनी सैन्य भूमिकाओं को, आरएएफ होनिटन में ऑनररी एयर कमांडेंट और स्माल शिप्स ऐंड डाइविंग के कमांडर इन चीफ जैसी सैन्य भूमिकाओं को छोड़ देंगे। मेक्जिट कहे जा रहे इस समझौते के तहत, दंपती हाल में मिली उन भूमिकाएं भी गंवा देंगे जहां उन्हें राष्ट्रमंडल का युवा राजदूत बनाया गया था। हालांकि, निजी धर्मार्थ कार्यों को पूरा करने के उनके कदम के तहत, वे महारानी के राष्ट्रमंडल न्यास के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बने रह सकते हैं।

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