हिमाचल प्रदेश: बद्दी के आईपीएस अधिकारी गौरव सिंह का एक माह बाद ही फिर तबादला।

एक बार फिर राजनितिक षड्यंत्र का शिकार हुए हैं।

(एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ)सोलन: बद्दी में बतौर एसपी कार्यरत रहे आईपीएस अधिकारी गौरव सिंह को मात्र 37 दिन के कार्यकाल के बाद ट्रांसफर कर दिया गया है । इससे पूर्व भी, वो कांग्रेस सरकार के शासन में बद्दी में ही एएसपी थे और लगभग सात माह का कार्यकाल पूर्ण किया था। अब बतौर एसपी उन्हें एक माह में ही स्थानांतरित कर दिया गया है। कथित रूप से उनका यह तबादला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत के बीबीएन के एक दिवसीय दौरे के दौरान पाई गई खामियों को लेकर हुआ है। लेकिन सच कुछ और ही है सूत्र बताते हैं कि इस तबादले के पीछे उनके ज्वाइन करने के समय से ही ताना-बाना बुना जा रहा था। एसपी के इस तबादले से जहां चंद लोग खुश नजर आ रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर क्षेत्र की जनता उनके इस तबादले को लेकर बेहद नाराज़ है। कहा जा रहा है कि हिमाचल में सबसे कम उम्र में एसपी बनने वाले गौरव सिंह एक बार फिर राजनितिक षड्यंत्र का शिकार हुए हैं। ये खनन व नशा माफिया को सबक सिखाने वाले अधिकारी रहे। अब इस ट्रांसफर से पूरे बीबीएन के लोगों में भारी रोष है। लोग सरकार से उनके ट्रांसफर को रुकवाने की मांग कर रहे है। गौरव सिंह ने अपने इस 37 दिनों के कार्यकाल में बीबीएन में शराब, चुरापोस्त, ड्रग्स और खनन माफिया के खिलाफ विशेष अभियान के तहत कार्रवाई की। गौरव सिंह के कार्य से जहां आम जनता काफी खुश थी तो वहीं गोरखधंधा करने वालों के लिए गौरव सिंह सिरदर्द बने हुए थे। अपने 7 महीनों के कार्यकाल में अवैध खनन के 177 मामले पकड़े व करीब 26 लाख रुपए जुर्माना वसूला था। इसी तरह ड्रग्स के 13 व अवैध शराब के कारोबार के 75 मामले पकड़े थे। बद्दी में अपने कार्यकाल में गौरव सिंह ने एटीएम से नकदी चोरी, चेन स्नैचिंग व मर्डर के 2 मामलों को भी सुलझाया था। उन्होंने बिना किसी दबाव के तत्कालीन कांग्रेस विधायक की पत्नी के टिप्पर का चालान कर दिया था। बद्दी में विधायक की पत्नी के टिप्पर का चालान करने के तुरंत बाद सरकार ने पदोन्नत कर कांगड़ा में तैनाती दे थी। सही ढंग से नौकरी न करने वाले 26 पुलिस व होमगार्ड जवानों को गौरव ने सस्पेंड कर दिया था, जिनमें 22 लाहौल-स्पीति और 4 बद्दी के थे। गौरव सिंह को 30 जून, 2017 को तत्कालीन डीजीपी संजय कुमार ने डीजीपी डिस्क आवार्ड से सम्मानित किया था। उन्हें यह अवार्ड वर्ष 2015 में जिला शिमला के बालूगंज में ब्लाइंड मर्डर को सुलझाने व ओवरआल गुड वर्किंग के लिए मिला था।

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