स्वतंत्र न्यायपालिका उदार लोकतंत्र की जरूरत- जस्टिस चेलमेश्वर
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से असंतोष प्रकट करने वाले जस्टिस चेलमेश्वर ने स्वतंत्र न्यायपालिका की वकालत की
(न्यूज़ लाइव नाऊ) : दिल्ली में एक सभा में बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज में से एक जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि लोकतंत्र तब तक ही जीवित रह सकता है जब न्यायपालिका निष्पक्ष और स्वतंत्र होगी। गौरतलब है कि जस्टिस चेलमेश्वर ने कुछ दिनों पहले ही सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के कामकाज के प्रति असंतोष प्रकट किया था, इसके बाद सोमवार के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर यह बात कही।
जस्टिस चेलमेश्वर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया: द बिगिनिंग नाम की किताब के विमोचन के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा विद्वान न्यायपालिका के कामकाज का उत्सुकतावश अध्ययन करते हैं लेकिन न्यायपालिका से जुड़े लोगों का यहां काम करते हुए कोई ना कोई हितलाभ जुड़ी जाता है। उन्होंने न्यायपालिका के लोकतंत्र पर पड़ने वाले प्रभाव पर गहराई से शोध की आवश्यकता बताई उन्होंने न्यायपालिका की उपलब्धियों और नाकामियों की लगातार जांच-परख करते रहने की बात भी कही। जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा यह जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट जैसे संस्थान के बारे में अध्ययन सामने आए जिससे संस्थान निष्पक्ष और स्वतंत्र रहे। जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा देश की आबादी का आठवां भाग न्यायपालिका के फैसलों से सीधे प्रभावित होता है इसलिए न्यायपालिका का निष्पक्ष और स्वतंत्र रहना बेहद जरूरी है।