मप्र-रीवा की अवनि चतुर्वेदी बनी मिग 21 की पहली महिला पायलट
19 फरवरी को जामनगर एयरबेस से अवनि ने मिग-21 उड़ाकर ये साबित कर दिया कि महिलाएं, पुरुषों से किसी भी मायने में कम नहीं हैं।
(एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ) : एक तरफ देश के कुछ हिस्सों में आज भी लड़कियों के जन्म को शुभ नहीं माना जाता है। लोग तरह तरह के उपायों के जरिए लड़कियों को इस धरा की खूबसूरती को देखने के अधिकार को छीन लेते हैं। दिल्ली से सटे हरियाणा और पंजाब में लिंगानुपात में थोड़ा सुधार हुआ है। सरकारें बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के जरिए लड़कियों की संख्या बढ़ाने के उपाय पर जोर दे रही है। निराशा और हताशा भरी खबरों के बीच अवनि चतुर्वेदी की कामयाबी ऐसे लोगों की आंखों पर से पट्टी हटाने का काम करेगी जो लड़कों और लड़कियों में भेदभाव करते हैं। लेकिन 19 फरवरी को जामनगर एयरबेस से मिग-21 उड़ाकर ये साबित कर दिया कि महिलाएं, पुरुषों से किसी भी मायने में कम नहीं हैं। मिग-21 ‘बाइसन’ की दुनिया में सबसे ज्यादा लैंडिंग और टेक-ऑफ स्पीड है। अवनि के नाम का अर्थ धरती होता है लेकिन आज जो आसमान में अपने कौशल से फाइटर प्लेन उड़ा रही हैं। धरती में जितना धैर्य होता है। कुछ वैसे ही अपने नाम को साकार कर उन्होंने तमाम लड़कियों में हौसला भरा है।अवनि का जन्म 27 अक्टूबर 1993 को मध्य प्रदेश के रीवा में हुआ था। उनके पिता श्री दिनकर चतुर्वेदी मध्य प्रदेश सरकार के वाटर रिसोर्स डिपार्टमेंट में एक एग्जिक्युटिव इंजीनियर हैं और उनकी मां एक घरेलू महिला हैं।