भारी बर्फबारी के कारण किन्नौर, लाहौल और चंबा का पांगी-भरमौर कट गए दुनिया से !
किन्नौर, लाहौल और चंबा का पांगी-भरमौर देश-दुनिया से कट गए हैं।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : हिमाचल प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच वीरवार को लाहौल-स्पीति, कुफरी और मनाली में बर्फबारी हुई और शिमला में देर शाम फाहे गिरे। बर्फबारी के चलते दो नेशनल हाईवे शिमला-रामपुर-किन्नौर और आनी-जलोड़ी-कुल्लू समेत सैकड़ों सड़कें बंद हो गई हैं। राजधानी शिमला का संपर्क रोहड़ू, रामपुर और चौपाल से कट गया है। किन्नौर, लाहौल और चंबा का पांगी-भरमौर देश-दुनिया से कट गए हैं। मंडी के कई इलाके भी अलग-थलग पड़ गए हैं।प्रशासन ने शिकारी देवी, कमरूनाग और पराशर जाने पर रोक लगा दी है। प्रदेश के चार शहरों का पारा शून्य से नीचे चल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने छह फरवरी तक सूबे में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया है।
शुक्रवार को कई क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी की संभावना है। राजधानी शिमला में दिन भर मौसम खराब रहा। शहर में हल्की बूंदाबांदी के बीच देर शाम फाहे गिरे। प्रदेश के कई मैदानी क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई। कांगड़ा के पर्वतीय इलाकों में हल्की बर्फबारी में मैदानों में जोरदार बारिश हुई।चंबा की ऊपरी चोटियों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश जारी रही। मणिमहेश, कालीछौ, कुगति, जालसू जोत, तुंदाह, घटोर, इंद्रहार में दो फीट, पांगी सेक्टर के हुडान भटोरी, चस्क भटोरी में डेढ़ फीट तक बर्फबारी हुई। जिले के निचले इलाकों में जोरदार बारिश हुई।
किस शहर में कितनी बर्फबारी
बर्फबारी (सेंटीमीटर में)
रोहतांग 60
मढ़ी 40
सोलंगनाला 15
कुफरी 5
मनाली 3
न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
केलांग – 15
कल्पा – 6.8
कुफरी – 1.0
डलहौजी – 0.2
मनाली शून्य
शिमला 3.8
चंबा-पांगी वाया जम्मू-कश्मीर रोड पर थम नाला के पास हिमखंड गिरने से तीन टैक्सियां आठ घंटे बर्फ के बीच फंसी रहीं। टैक्सियों में सवार तीस लोग मार्ग खुलने का इंतजार करते रहे।गनीमत यह रही कि हिमखंड की चपेट में कोई राहगीर या वाहन नहीं आया। थम नाला के पास एक दिन पहले भी भूस्खलन होने से मार्ग बंद हुआ था। उस दौरान पत्थर की चपेट में आने से एक राहगीर घायल भी हुआ था।टैक्सी चालक संदीप पंडित, रीशु, खन्ना ने बताया कि वे अपनी टैक्सियों में सवारियां लेकर बुुधवार सुबह पांगी से चंबा को निकले। दोपहर को जब वह थम नाला के पास पहुंचे, तो हिमखंड सड़क पर आ गिरा। करीब आठ घंटे बाद रात नौ बजे मार्ग वाहनों के लिए बहाल हो पाया।