बेटियों की कथित अवैध नियुक्ति मामले में KPSC अध्यक्ष निलंबित

(न्यूज़लाइवनाउ-Karnataka) कर्नाटक में सरकारी भर्तियों को लेकर उठे विवाद के बीच राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार को उनके पद से निलंबित कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपनी दोनों बेटियों की औद्योगिक विस्तार अधिकारी (Industrial Extension Officer) पद पर कथित रूप से नियमों के विपरीत नियुक्ति कराने में भूमिका निभाई।

राज्यपाल ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर मानते हुए संविधान के अनुच्छेद 317(1) के तहत राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि आरोपों की न्यायिक जांच के लिए प्रकरण सुप्रीम कोर्ट को भेजा जाए। जांच पूरी होने तक साहूकार अपने पद की जिम्मेदारियां नहीं निभा सकेंगे।

आयोग के कामकाज पर किसी तरह का असर न पड़े, इसके लिए KPSC के सबसे वरिष्ठ सदस्य को अंतरिम रूप से अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इससे आयोग की भर्ती और प्रशासनिक प्रक्रियाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।

यह विवाद उस समय और गहरा गया जब आरोप लगे कि साहूकार की बेटियों को चयन प्रक्रिया में अनुचित लाभ पहुंचाया गया। मामले के सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे और आयोग के भीतर भी असंतोष की स्थिति बनी।

हाल के दिनों में इस मामले को लेकर कई स्तरों पर जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग उठ रही थी। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल ने सख्त कदम उठाते हुए अध्यक्ष को निलंबित कर दिया, ताकि जांच निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के पूरी हो सके।

अब इस पूरे प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होने की संभावना है। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप कितने सही हैं और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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