(न्यूज़लाइवनाउ-India) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में मुद्रा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। केंद्रीय बैंक जल्द ही 10 और 20 रुपये के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है।
इसके लिए आरबीआई की सहायक कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने सुरक्षा-ग्रेड पॉलीमर सब्सट्रेट की आपूर्ति और उत्पादन के लिए वैश्विक कंपनियों से रुचि-पत्र (EOI) आमंत्रित किए हैं। पॉलीमर नोट विशेष प्रकार की प्लास्टिक सामग्री से बनाए जाते हैं।
ये पारंपरिक कागज के नोटों की तुलना में कहीं अधिक मजबूत होते हैं और लंबे समय तक खराब नहीं होते। इसके अलावा इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोट तैयार करना बेहद कठिन हो जाता है। आरबीआई का मानना है कि छोटे मूल्य वर्ग के नोट सबसे अधिक इस्तेमाल होते हैं, इसलिए वे जल्दी फट जाते हैं और बार-बार नए नोट छापने पड़ते हैं।
पॉलीमर नोट अधिक समय तक चलेंगे, जिससे छपाई और प्रतिस्थापन की लागत कम होगी। साथ ही नकली नोटों पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। पहले भी हुआ था परीक्षणभारत में पॉलीमर नोटों का विचार नया नहीं है। वर्ष 2013 में कुछ शहरों में 10 रुपये के प्लास्टिक नोटों का सीमित स्तर पर परीक्षण किया गया था। अब आरबीआई इस योजना को नए सिरे से आगे बढ़ा रहा है और शुरुआत 10 तथा 20 रुपये के नोटों से किए जाने की संभावना है।
फिलहाल आरबीआई ने पूरे देश में पॉलीमर नोट लागू करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। पहले सीमित स्तर पर पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। यदि इसके परिणाम सफल रहे, तो बाद में इन नोटों का दायरा बढ़ाया जा सकता है। प्लास्टिक नोटों की शुरुआत का मतलब यह नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट तुरंत बंद कर दिए जाएंगे।
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि पहले परीक्षण किया जाएगा और मौजूदा नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। पहले सोशल मीडिया पर कागजी नोट हटाने की अफवाहें भी सामने आई थीं, जिन्हें सरकार और आरबीआई ने खारिज कर दिया था।
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