(न्यूज़लाइवनाउ-Russia) रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच शनिवार तड़के यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया। इस हमले में रूस के लॉजिस्टिक्स केंद्र, गोदामों और एक तेल भंडारण केंद्र को निशाना बनाया गया। रूसी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हुई, जबकि कई दर्जन लोग घायल हो गए।
रिपोर्टों के मुताबिक, सबसे गंभीर हमला रूस के तांबोव क्षेत्र के कोतोव्स्क शहर में हुआ, जहां एक बड़े वेयरहाउस पर ड्रोन गिरने से भीषण आग लग गई। घटना के समय रात्रि पाली में काम कर रहे कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए, जिससे सात कर्मचारियों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए।
इसके अलावा मॉस्को क्षेत्र के नोगिंस्क स्थित एक तेल डिपो पर भी ड्रोन हमले के बाद आग भड़क उठी। आग और धुएं के कारण आसपास के इलाके में एहतियातन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। एक प्रसूति अस्पताल और नजदीकी इमारतों को भी खाली कराया गया। इस घटना में दो लोग घायल हुए।
रूसी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मॉस्को समेत कई क्षेत्रों में सैकड़ों यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया। मंत्रालय के अनुसार, 19 से अधिक क्षेत्रों के ऊपर कुल 379 ड्रोन को निष्क्रिय किया गया, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान टल गया।
वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि यूक्रेनी बलों ने रूस के उन रणनीतिक लॉजिस्टिक्स केंद्रों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया, जिनका उपयोग ड्रोन निर्माण, नेविगेशन उपकरणों की आपूर्ति और सैन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। उनका कहना था कि इन हमलों का उद्देश्य रूस की सैन्य आपूर्ति व्यवस्था को कमजोर करना है।
उधर रूस ने भी यूक्रेन पर जवाबी कार्रवाई जारी रखी। रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों में यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह क्षेत्र को निशाना बनाया गया, जहां एक व्यक्ति की मौत हुई और कई अन्य घायल हो गए। बंदरगाह के बुनियादी ढांचे तथा एक मालवाहक जहाज को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
युद्ध के लगातार बढ़ते दायरे के बीच दोनों देशों की ओर से ऊर्जा ढांचे, सैन्य आपूर्ति केंद्रों और रणनीतिक ठिकानों पर हमले तेज हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के ड्रोन हमले इस संघर्ष को और अधिक तीव्र बना सकते हैं।
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