कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के कश्मीर की स्वायत्तता वाले बयान से किनारा कर लिया है. कांग्रेस ने कहा है कि जरूरी नहीं है कि हर नेता का बयान पार्टी का बयान हो. इससे पहले कांग्रेस नेता और यूपीए सरकार में गृहमंत्री रह चुके पी चिदंबरम ने शनिवार को राजकोट में कहा था कि जम्मू कश्मीर को और अधिक स्वायत्तता दी जानी चाहिए.
चिदंबरम के मुताबिक कश्मीर में जो लोग आजादी की मांग करते हैं तो इसका मतलब होता है वो स्वायत्ता चाहते हैं. कांग्रेस ने भले ही चिदंबरम के बयान से खुद को अलग कर लिया है लेकिन बीजेपी ने हमला करते हुए इसे शर्मनाक और हैरान करने वाला बयान बताया है.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरेजवाला ने कहा कश्मीर पर दिया चिंदबरम का बयान उनकी निजी राय हो सकती है लेकिन वो कांग्रेस पार्टी की राय हो ये जरूरी नही है.
बीजेपी के महासचिव और जम्मू कश्मीर बीजेपी के प्रभारी राम माधव ने कहा है कि जो गलतियां कांग्रेस ने आज तक की हैं वही कश्मीर के लोग भुगत रहे हैं.पी चिदंबरम को अब ऐसी सलाह नहीं देनी चाहिए
-‘ये अपने आप में हिंदुस्तान के साथ सबसे बड़ी गद्दारी है…ये हैरानी की बात नहीं है कि कांग्रेस के नेता इस तरह की बात कर रहे हैं. देश ने देखा था कि कैसे राहुल गांधी भारत के टुकड़े करने की बात करने वाले के साथ खड़े हुए थे. राहुल गांधी और सोनिया गांधी को बताना होगा कि क्या कांग्रेस की यही रणनीति है कि हिंदुस्तान के टुकड़े हों’हालांकि कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक ट्वीट कर पी चिंदबरम के बयान का अप्रत्यक्ष तरीके से समर्थन किया. उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर सवाल किया कि आख़िर ऐसा क्या हो गया कि भारत सरकार के प्रभारी पूर्व आईबी चीफ दिनेश्वर शर्मा बातचीत करने को जा रहे हैं.
आपको बता दें कश्मीर में बातचीत को शुरू करने के लिए भारत सरकार ने पूर्व आईबी चीफ दिनेश्वर शर्मा को नियुक्त किया है.