दुबई से यूपी में आतंकी नेटवर्क संचालित करने का आरोप, सरगना की वापसी बनी एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती

(न्यूज़लाइवनाउ-UP) उत्तर प्रदेश में रेलवे व्यवस्था को निशाना बनाने की कथित आतंकी साजिश की जांच में एक अहम कड़ी सामने आई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड दुबई में बैठकर अपने संपर्कों के जरिए मॉड्यूल को संचालित कर रहा था। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका है, लेकिन उसे भारत वापस लाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए अभी सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।

जांच एजेंसियों ने आरोपी के प्रत्यर्पण की दिशा में जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर संबंधित जानकारी विदेश मंत्रालय को भेज दी है। इसके बावजूद अभी तक उसे भारत लाने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी है। एजेंसियां केंद्र सरकार की संबंधित इकाइयों और विदेश मंत्रालय के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं।

मामले की जांच के दौरान सामने आया कि कथित आतंकी मॉड्यूल की योजना रेलवे सिग्नल बॉक्स में विस्फोट करने की थी। इसके अलावा अलग-अलग शहरों में रेलवे से जुड़े प्रतिष्ठानों और सिलिंडर से लदे वाहनों को भी निशाना बनाने की साजिश की जानकारी जांच में सामने आई।एटीएस ने 2 अप्रैल 2026 को आलमनगर रेलवे स्टेशन से चार संदिग्धों—शाकिब, अरबाब, विकास और लोकेश—को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और जांच के दौरान एजेंसी को इनके कथित विदेशी संपर्कों के बारे में जानकारी मिली।

एटीएस के अनुसार, आरोपियों के संपर्क पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और एक कथित आईएसआई एजेंट से थे। जांच में यह भी पता चला कि इस नेटवर्क का कथित संचालक मेरठ का रहने वाला आकिब है, जो फिलहाल दुबई में मौजूद है।

रेड कॉर्नर नोटिस के बाद प्रत्यर्पण पर नजर

आकिब के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। अब जांच एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य उसे भारत वापस लाना है, ताकि उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियों और साजिश के पीछे मौजूद लोगों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।

एजेंसियां प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों और विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं। हालांकि विदेश में मौजूद आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत लाना एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया है।

कश्मीर हमले के बाद यूपी में बढ़ी चौकसी

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार को हुए आतंकी हमले के बाद उत्तर प्रदेश में भी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सावन और कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस एवं सुरक्षा तंत्र को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

मंदिरों, धार्मिक स्थलों और कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस बल के साथ सादे कपड़ों में खुफिया एजेंसियों के कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है।

कुलगाम में हुए हमले में आतंकियों ने ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की पहचान पूछी थी। इसके बाद छत्तीसगढ़ के दो हिंदू मजदूरों को कथित तौर पर अलग कर गोली मारी गई। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां एक की मौके पर और दूसरे की इलाज के दौरान मौत हो गई।

यूपी में आतंकी नेटवर्क से जुड़ी जांच और कश्मीर की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।

Comments are closed.