(न्यूज़लाइवनाउ-Bhopal) मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग की संपूर्ण खरीद और अन्य कृषि संबंधी मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में हजारों किसान राजधानी भोपाल के होशंगाबाद रोड स्थित सावरकर सेतु पर डेरा डाले हुए हैं। आंदोलन के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि सुरक्षा कारणों से कुछ स्कूलों ने भी अवकाश घोषित कर दिया है।
मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की तैयारी
किसानों ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का एलान किया है। आंदोलनकारी अलग-अलग रास्तों से सीएम हाउस तक पहुंचने की रणनीति बना रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि यदि पुलिस रास्ता रोकती है तो वे वैकल्पिक मार्गों से आगे बढ़ेंगे। उनका स्पष्ट कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
कई जिलों से भोपाल पहुंच रहे किसान
नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन, सीहोर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में किसान भोपाल पहुंच रहे हैं। आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए करीब 19 किसान संगठनों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। दोपहर तक प्रदर्शन स्थल पर पहले से अधिक भीड़ जुटने का दावा किया गया है।
पांच प्रमुख मांगों पर डटे प्रदर्शनकारी
किसानों ने सरकार के सामने अपनी कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए।
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा दिया जाए।
- किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।
- भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते को निरस्त किया जाए।
- किसानों से जुड़े पूर्व वादों और सरकारी घोषणाओं को लागू किया जाए।
मंगलवार रात से सड़क पर डटे किसान
मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे किसानों को मंगलवार को सावरकर सेतु के पास रोक दिया गया था। इसके बाद आंदोलनकारियों ने वहीं सड़क पर डेरा डाल दिया। रात में कुछ किसानों ने भोजन तैयार किया, जबकि कई किसानों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया।
स्कूलों और यातायात पर पड़ा असर
आंदोलन के चलते नर्मदापुरम रोड और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। विद्यार्थियों की सुरक्षा और संभावित जाम को देखते हुए कई निजी और सरकारी स्कूलों ने बुधवार को अवकाश घोषित किया। प्रशासन लगातार यातायात को सुचारु बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था संभालने में जुटा हुआ है।
सरकार पर बढ़ रहा दबाव
किसानों का कहना है कि केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी। उनका आग्रह है कि सरकार मूंग की खरीद और अन्य कृषि मुद्दों पर ठोस निर्णय ले। दूसरी ओर, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आंदोलन के कारण राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
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