JPSC-JSSC विवाद: रांची में छात्रों का विधानसभा कूच, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई

(न्यूज़लाइवनाउ-Jharkhand) झारखंड की राजधानी रांची में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने सोमवार को विधानसभा मार्च का ऐलान किया है। छात्रों का कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सवालों का ठोस समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

बातचीत बेनतीजा, छात्रों ने बढ़ाया दबाव

छात्र प्रतिनिधियों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। इसी के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का फैसला किया। छात्रों का आरोप है कि उन्हें लगातार आश्वासन दिए गए, लेकिन भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान अब तक सामने नहीं आया है।

किन मुद्दों को लेकर नाराज हैं अभ्यर्थी?

प्रदर्शनकारी JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख आपत्तियों में कथित परीक्षा अनियमितताएं, प्रश्नपत्र से जुड़े विवाद, मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल और नियुक्तियों में देरी शामिल हैं। वे परीक्षा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय बनाने और भविष्य के लिए स्पष्ट एवं समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग भी उठा रहे हैं।

स्वतंत्र जांच की मांग पर अड़े छात्र

छात्र संगठनों की सबसे प्रमुख मांग कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच कराना है। प्रदर्शनकारी मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी या हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की निगरानी में कराने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की धांधली से हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर सीधा असर पड़ता है।

सरकार ने उठाए कुछ कदम

लगातार विरोध के बीच झारखंड सरकार ने भी कुछ कदम उठाने की बात कही है। सरकार ने JPSC से जुड़े कुछ मामलों में कार्रवाई और जांच की दिशा में पहल की है। इसके अलावा कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए ED की सिफारिश और मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की बात सामने आई है।

सरकार ने कुछ JPSC परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय भी लिया है, हालांकि छात्रों की सभी मांगें स्वीकार नहीं की गई हैं। खास तौर पर CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर सरकार ने असहमति जताई है। सरकार का कहना है कि यह परीक्षा अदालत की निगरानी में आयोजित हुई थी और इसके जरिए चयनित अभ्यर्थी पहले ही नौकरी कर रहे हैं।

आंदोलन के बीच JPSC सदस्यों के इस्तीफे

विवाद के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग के कुछ सदस्यों के इस्तीफे की खबर भी सामने आई है। इससे परीक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही बहस और तेज हो गई है। वहीं, छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मूल मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन को वापस लेने का सवाल नहीं उठता।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील

विधानसभा मार्च को देखते हुए छात्र नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से अनुशासन बनाए रखने और आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने की अपील की है। रांची में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के जुटने की संभावना के बीच प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

कुल मिलाकर JPSC-JSSC भर्ती विवाद अब सरकार और छात्रों के बीच टकराव का बड़ा मुद्दा बन चुका है। छात्रों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। वहीं सरकार की ओर से जांच और अन्य कदमों का भरोसा दिया गया है, लेकिन छात्रों को अभी तक यह पर्याप्त नहीं लग रहा है। यही वजह है कि रांची में आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा है।

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