रूस-यूक्रेन युद्ध में लक्ष्मी मित्तल का स्टील प्लांट निशाने पर, 2 की मौत; उत्पादन पर लगा ब्रेक

(न्यूज़लाइवनाउ- Ukraine) रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग अब लगातार नए इलाकों और औद्योगिक ठिकानों तक पहुंच रही है। यूक्रेन के बड़े पैमाने पर ड्रोन हमलों के बाद रूस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्रिवी रिह शहर में स्थित आर्सेलरमित्तल के स्टील प्लांट को निशाना बनाया। यह संयंत्र भारतीय मूल के उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल से जुड़ा है। रूसी मिसाइल और ड्रोन हमले में दो लोगों की जान चली गई, जबकि 14 कर्मचारी घायल बताए गए हैं। हमले के बाद प्लांट की कुछ अहम उत्पादन गतिविधियों को रोकना पड़ा।

मित्तल के स्टील कॉम्प्लेक्स पर हमला

रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के गृह शहर क्रिवी रिह में मौजूद आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह परिसर को रूसी हमले का सामना करना पड़ा। कंपनी ने भी पुष्टि की है कि उसकी एक साइट पर मिसाइल हमला हुआ। इस हमले से संयंत्र की ऊर्जा व्यवस्था और ब्लास्ट फर्नेस से संबंधित महत्वपूर्ण हिस्से प्रभावित हुए हैं।

क्षति के कारण प्लांट का संचालन सामान्य तरीके से जारी रखना मुश्किल हो गया और कुछ प्रक्रियाओं को अस्थायी तौर पर रोकना पड़ा। फिलहाल प्राथमिकता कर्मचारियों की सुरक्षा और क्षतिग्रस्त ढांचे का आकलन करना है।

रूस पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला

मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रे वोरोब्योव के अनुसार, इन हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हुई। उन्होंने इसे हाल के समय में रूस पर हुए सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक बताया।

मित्तल के प्लांट पर रूसी कार्रवाई से पहले यूक्रेन ने रूस के विभिन्न हिस्सों में बड़े स्तर पर ड्रोन हमले किए थे। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि रातभर देश के अलग-अलग इलाकों में 822 यूक्रेनी ड्रोन को रोका गया।

मॉस्को की तरफ बढ़े सैकड़ों ड्रोन

मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि राजधानी की दिशा में करीब 600 ड्रोन आते हुए देखे गए। इनमें से बड़ी संख्या में ड्रोन को मॉस्को क्षेत्र के ऊपर ही नष्ट कर दिया गया। हमलों के मद्देनजर राजधानी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

एक हमले में मॉस्को क्षेत्र के एक निजी मकान को नुकसान पहुंचा, जिसमें 83 वर्षीय व्यक्ति की मौत होने की जानकारी सामने आई। वहीं पोडोल्स्क में एक ऑनलाइन रिटेल कंपनी के गोदाम में भी आग लग गई।

रोस्तोव में भी भारी नुकसान

रूस के रोस्तोव क्षेत्र में भी यूक्रेनी ड्रोन हमलों की खबर सामने आई। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, क्षेत्र के तीन शहरों में 150 से ज्यादा ड्रोन के जरिए हमला किया गया। इसमें पांच लोगों की मौत हुई और कई घरों तथा एक रेलवे स्टेशन को नुकसान पहुंचा। आसपास के जंगल में भी आग लगने की सूचना मिली।

इस तरह यूक्रेन के हमलों का असर रूस के कई इलाकों में देखने को मिला, जिसके बाद रूस की ओर से यूक्रेन में जवाबी हमले तेज किए गए।

युद्ध का असर अब औद्योगिक ढांचे पर

रूस-यूक्रेन संघर्ष के मौजूदा दौर में दोनों देश लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। यूक्रेन की तरफ से रूसी सैन्य प्रतिष्ठानों, ऊर्जा इकाइयों और लॉजिस्टिक ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि रूस भी यूक्रेन के विभिन्न शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर लगातार हमले कर रहा है।

क्रिवी रिह का आर्सेलरमित्तल संयंत्र यूक्रेन के प्रमुख स्टील उत्पादन केंद्रों में शामिल है। ऐसे बड़े औद्योगिक परिसर में काम बाधित होने से केवल कंपनी की गतिविधियां ही प्रभावित नहीं होतीं, बल्कि स्थानीय रोजगार, उत्पादन और सप्लाई चेन पर भी असर पड़ सकता है।

जमीन पर लड़ाई धीमी

रिपोर्ट के अनुसार, जमीनी मोर्चे पर संघर्ष की गति अपेक्षाकृत धीमी है और शांति वार्ता भी आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसके बावजूद दोनों पक्ष एक-दूसरे के इलाकों में दूर तक मार करने वाले हथियारों से हमले कर रहे हैं।

यही वजह है कि युद्ध का प्रभाव अब सैन्य ठिकानों से आगे बढ़कर शहरों, औद्योगिक इकाइयों और आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। क्रिवी रिह स्थित मित्तल के स्टील प्लांट पर हुआ हमला भी इसी बदलते युद्ध परिदृश्य की एक बड़ी मिसाल माना जा रहा है।

यूक्रेन के कई हिस्सों में भी जनहानि

रूसी हमलों का असर यूक्रेन के दूसरे इलाकों में भी पड़ा। जापोरिज्जिया क्षेत्र में दो लोगों की मौत हुई, जबकि सुमी और डोनेट्स्क क्षेत्रों में भी जान जाने की खबर है। राजधानी कीव में कई स्थानों पर आग लगने से छह लोग घायल हुए। शहर के एक प्रमुख बुक मार्केट और पोचाइना मेट्रो स्टेशन के आसपास के कई कियोस्क भी आग की चपेट में आए।

रूस और यूक्रेन के बीच लगातार बढ़ते हवाई हमले यह संकेत दे रहे हैं कि संघर्ष का असर अब दोनों देशों की सीमाओं और सैन्य मोर्चों से कहीं आगे फैल चुका है। ऐसे में क्रिवी रिह के बड़े स्टील संयंत्र पर हमला यूक्रेन के औद्योगिक ढांचे के लिए एक गंभीर झटका माना जा रहा है। फिलहाल संयंत्र में उत्पादन प्रभावित है और आगे की स्थिति नुकसान के आकलन के बाद स्पष्ट होगी।

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