पाकिस्तान पर 1 अरब डॉलर का कर्ज, अमेरिका स्थित दूतावास बेचने को मजबूर, कीमत 60 लाख डॉलर,

(एन एल एन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : मंदी की मार झेल रहा पाकिस्तान अब अपना अमेरिका स्थित दूतावास बेचने को मजबूर हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के वॉशिंगटन स्थित पाकिस्तान के पुराने दूतावास को बेचने के लिए फॉरेन ऑफिस ने मंजूरी दे दी है । इसकी कीमत 50 से 60 लाख डॉलर है । पाकिस्तान पर इस समय चौतरफा मार पड़ी है। वह एक तरफ आर्थिक संकट तो दूसरी तरफ अंदरूनी कलह से जूझ रहा है। पाकिस्तान पहले से ही मंदी से जूझ रहा था । लेकिन हाल में आई बाढ़ ने उसे और भी हिला कर रख दिया । उसपर चीन समेत कई देशों का कर्ज लदा पड़ा है । ऐसे में उसे नया कर्ज मिलने का रास्ता नहीं दिख रहा । इस बीच, उसने दूसरे देशों में पड़ी अपनी संपत्तियों को बेचने का फैसला लिया है । पिछले कुछ समय से पाकिस्तानी अखबारों में ये सुर्खियां चल रही हैं कि शहबाज शरीफ सरकार गले तक कर्ज में डूबी है ।
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की आर्थिक (Pakistan Economic Crisis) स्थिति बेहद खराब है, पूरा मुल्क ही कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है । पाकिस्तान के पास आर्थिक सुधारों के लिए पैसे नहीं है और उसे एक मोटी रकम चुकानी भी है जो कि उसके लिए सबसे बड़ी मुश्किल है । रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान को 5 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय बॉन्ड की करीब 1 अरब डॉलर की रकम चुकानी है । ऐसे में पाक का कहना है कि वह यह रकम तीन दिन पहले यानी 2 दिसंबर को ही चुका देगा ।

पाकिस्तान के कर्ज की देनदारी को लेकर पाकिस्तान स्टेट बैंक के गवर्नर जमील अहमद ने बड़ा बयान दिया है । उन्होंने बताया है कि एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक समेत बहुपक्षीय और द्विपक्षीय सोर्सेज के माध्यम से अगले सप्ताह मंगलवार तक 500 मिलियन अमरीकी डॉलर की व्यवस्था की गई थी जिससे अब उनकी मुसीबतें कम हो सकती है । गवर्नर ने कहा कि नवंबर में 1.8 बिलियन अमरीकी डॉलर के भुगतान के बावजूद, विदेशी मुद्रा भंडार स्थिर था । आंकड़ों के मुताबिक 18 नवंबर को पाकिस्तान के करीब केंद्रीय बैंक के पास 7.8 अरब डॉलर थे, लेकिन यह एक महीने के आयात के लिए भी कम पड़ सकते हैं । पाक बैंक के गवर्नर अहमद ने उम्मीद जताई कि जून 2023 में वित्तीय वर्ष के अंत तक देश बेहतर स्थिति में होगा । भुगतान संतुलन से जुड़ी चिंताओं के कारण पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति नाजुक बनी हुई है । वहीं बढ़ती महंगाई और टैक्स रेवेन्यू के विस्तार में कठिनाइयाँ भी चिंता बड़ा कारण माना जा रहा है ।

15 साल से खाली है इमारत
पाकिस्तानी सरकार दिवालिया होने से बचने के लिए विदेशों में मौजूद अपनी संपत्ति को बेच रही है । पाकिस्तान के लोगों का ये भी आरोप है कि सरकार के खास लोगों के एशो आराम में कोई कमी नहीं है लेकिन जनता महंगाई के बोझ तले दबती ही जा रही है। अमेरिका स्थित पाकिस्तान के दूतावास के अधिकारियों का कहना है कि यह इमारत काफी पुरानी है और लगभग 15 सालों से खाली है । सही कीमत मिलने पर ही इसे बेचा जाएगा । वहीं, पाकिस्तान के संघीय सूचना और प्रसारण मंत्री मरियम औरंगजेब ने भी इसकी पुष्टि की थी कि कैबिनेट ने वाशिंगटन स्थित पाकिस्तानी देतावास को बेचने की मंजूरी दे दी है । डॉन अखबार भी इसकी पुष्टि कर चुका है ।

इस मामले पर असेंबली की सदस्य नौशीन सईद ने सफाई देते हुए कहा कि ये पहली बार नहीं हो रहा. ऐसा पहले भी हो चुका है । पहले भी पाकिस्तानी सरकार दूतावास को बेचने की मंजूरी दे चुकी है । नवाज शरीफ सरकार में सऊदी अरब और यूरोप में ऐसा किया गया था । बता दें कि इस समय पाकिस्तान का कर्ज 60 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये के रिकॉर्ड स्तर को पार कर चुका है ।

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