(एनएलएन मीडिया ) नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने ऐंटी करप्शन ब्रांच द्वारा पीडब्लूडी घोटाले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के रिश्तेदार की गिरफ्तारी को उनकी इमेज खराब करने की कोशिश बताया है। पार्टी के प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, पीडब्लूडी के नाले बनाने के काम में करप्शन केवल दो तरीके से ही हो सकता था या तो टेंडर सीएम के रिलेटिव को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रोसेस में धांधली की गई हो या फिर घटिया काम या अधूरा काम करने के बाद भी पेमेंट कर दी गई हो। मगर इस मामले में ये दोनों ही चीजें नहीं हुईं, तो फिर करप्शन कैसे हो गया? पीडब्लूडी के नाले बनाने के काम में करप्शन केवल दो तरीके से ही हो सकता था या तो टेंडर सीएम के रिलेटिव को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रोसेस में धांधली की गई हो या फिर घटिया काम या ।उन्होंने बताया कि नाला बनाने का टेंडर जनवरी 2015 में ही हो चुका था, जबकि केजरीवाल फरवरी में मुख्यमंत्री बने। चूंकि उससे पहले दिल्ली में एलजी का शासन चल रहा था, ऐसे में मुख्यमंत्री के रिश्तेदार के फायदे के लिए टेंडर में धांधली की संभावना ही नहीं थी। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि टेंडर सबसे कम बोली लगाने वाले को मिला और अरविंद केजरीवाल के राजनीति में आने से कई दशकों पहले से उनके रिश्तेदार इसी बिजनेस में थे। सौरभ ने कहा कि ड्रेन की क्वॉलिटी को आईआईटी, रूड़की की टीम ने सर्टिफाइड किया था, जो केंद्र सरकार का संस्थान है। इसके बाद एसीबी ने भी श्रीराम लैब्स के जरिए काम की क्वॉलिटी चेक कराई थी और उसमें कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई थी, तो फिर स्कैम कैसे हो गया? सौरभ ने कहा कि असल में यह सब सीएम की छवि खराब करने और उनके रिश्तेदारों को परेशान करने के लिए किया गया है।