यूके-इंडिया के बीच ‘फ्री ट्रेड’ (FTA) डील के लिए दिल्ली पहुंची ब्रिटिश मंत्री

(एन एल एन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : ब्रिटेन की व्यापार सचिव केमी बडेनोच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) वार्ता के छठे दौर की शुरुआत करने और अपने भारतीय समकक्ष पीयूष गोयल के साथ द्विपक्षीय वार्ता(bilateral talks) करने के लिए सोमवार को नई दिल्ली पहुंचीं।
भारत काफी तेजी के साथ दुनिया का बाजार बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है, लिहाजा दुनियाभर के देश भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए उत्सुक हैं, जिनमें से यूनाइटेड किंगडम है। हालांकि, भारत और यूके के बीच एफटीए पर समझौता दिवाली से पहले ही हो गया रहता, लेकिन बोरिस जॉनसन के प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद ब्रिटेन की राजनीति में मचे बवंडर की वजह से एफटीए समझौता लटक गया। मगर, ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर काफी उत्सुक हैं और उन्होंने भारत सरकार से समझौता करने के लिए ब्रिटिश व्यापार सचिव को भारत भेजा है।
यूके के व्यापार सचिव केमी बडेनोच ने सोमवार को अपने भारतीय समकक्ष केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता के लिए भारत आ रही हैं। ब्रिटिश व्यापार सचिव केमी बडेनोच इस दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच रूकी हुई ट्रेड डील को लेकर बातचीत आगे बढ़ाएंगी। बडेनोच की भारत यात्रा, ब्रिटेन और भारत के बीच औपचारिक वार्ता के छठे दौर की निशानी है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच एक महत्वाकांक्षी द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य उनकी यात्रा को लेकर रखा गया है। वहीं, कई ब्रिटिश व्यापार विशेषज्ञ कह चुके हैं, कि भारत के साथ व्यापार समझौता करना ब्रिटेन के लिए उस वक्त काफी जरूरी है, जब देश आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
ट्रेड डील के लिए दोनों देश गंभीर रिपोर्ट के मुताबिक, वार्ता का दौर शुरू होने से पहले ब्रिटिश व्यापार सचिव बाडेनोच, दोनों देशों के बीच बातचीत में शामिल वार्ताकार टीमों के साथ बातचीत करेंगी और ये बातचीत करीब एक हफ्ते तक चलने वाली है। यूके की व्यापार सचिव एक आधुनिक यूके-भारत व्यापार संबंध के लिए उनकी आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए ट्रेड लीडर्स के साथ भी मुलाकात करेंगी। इसमें फेयरट्रेड पेपर और पैकेजिंग प्रोडक्ट्स का उत्पादन करने वाले संयंत्र के निर्माण के लिए भारत में 10 मिलियन पाउंड से अधिक का निवेश करने वाली यूके की कंपनी envoPAP के साथ भी बैठक होगी। इन बैठकों के दौरान दोनों देशों के बीच चलने वाले व्यापार को बढ़ाने के लिए टैरिफ को कम करने और वित्तीय और कानूनी जैसी सेवाओं का विस्तार करने के लिए किसी समझौते पर पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ब्रिटिश व्यवसाइयों के लिए अपने प्रोडक्ट्स को भारत में बेचना आसान हो सके।
लाइन में लगीं ब्रिटिश कंपनियां ब्रिटिश व्यापार मंत्री ने इस मौके पर कहा कि, “भारत और यूके दुनिया की 5वीं और 6वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं और हमारा एक लंबा साझा इतिहास रह है। और ये सौदा इससलिए काफी अहम इससिए भी है, क्योंकि इससे भारी संख्या में नये रोजगार के अवसर पैदा होंगे। जिससे हमारे बीच के 29 अरब डॉलर की व्यापारिक भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।” आधिकारिक घोषणा के मुताबिक, ब्रिटेन के प्रमुख ब्रांड जैसे कि Pret A Manger, Revolut, और Tide ने भारत में विस्तार की योजना की घोषणा की है। वहीं, रिलायंस ब्रांड्स के साथ फ्रैंचाइजी डील के बाद, ब्रिटिश कॉफी और सैंडविच रिटेलर प्रेट, अगले साल की शुरुआत में भारत में अपना पहला आउटलेट खोलेगा। देश भर में 100 स्थानों पर ऑउटलेट कोला जाएगा और पहला स्थान मुंबई होगा। वहीं, प्रेट ए मैंगर के सीईओ पानो क्रिस्टोउ ने कहा कि, “प्रेट के ताजा बने भोजन और जैविक कॉफी को दुनिया भर के अधिक लोगों तक पहुंचाना हमारी परिवर्तन रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और मुझे भारत में प्रेट लॉन्च करने की खुशी है।”

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