आईपीसी-सीआरपीसी की गैरजरूरी धाराओं में बदलाव किया जाएगा: अमित शाह

शाह ने बताया कि सरकार भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और अपराध दंड संहिता (सीआरपीसी) की कुछ धाराओं में भी बदलाव के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कानून को आज की लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार बनाया जा सके।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) :  पुलिस औ अकनूं व्यवस्था सुधार के लिए सरकार कदम उठाने जा रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया है कि केंद्र जल्द ही ऑल इंडिया पुलिस यूनिवर्सिटी और ऑल इंडिया फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी बनाएगा। इनसे संबद्ध कॉलेज हर राज्य में होंगे। पुणे में शनिवार को 54वीं डीजी/आईजी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शाह ने बताया कि सरकार भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और अपराध दंड संहिता (सीआरपीसी) की कुछ धाराओं में भी बदलाव के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कानून को आज की लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार बनाया जा सके। इस साल डीजीपी/आईजी प्रेस कॉन्फ्रेंस पुणे के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, पुणे में हो रही है। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए शाह ने इसे पुलिस अधिकारियों का वैचारिक कुंभ बताया। उन्होंने कहा कि इस जगह देश के बड़े पुलिसकर्मी साथ आकर देश की सुरक्षा के लिए नीति आधारित फैसले लेने में मदद करते हैं।  गृह मंत्री ने देशभर में सबसे बेहतर पुलिस स्टेशन के अवॉर्ड भी बांटे। इनमें अंडमान-निकोबार के एबरदीन स्टेशन हाउस, गुजरात के बालासिनोर और मध्य प्रदेश के एजेके बुरहानपुर को सम्मानित किया गया। कॉन्फ्रेंस में पुलिसिंग के साथ सीमा सुरक्षा, नशा, आतंकवाद, डिजिटल पुलिसिंग और फोरेंसिक क्षमताओं के मुद्दे पर भी बात हुई। शाह से पहले कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल भी शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में पुलिस और आम नागरिकों को पास लाने के मकसद से डीजी/आईजी कॉन्फ्रेंस की नींव रखी थी। इसके बाद यह कॉन्फ्रेंस अब तक असम के गुवाहाटी, गुजरात के केवड़िया और मध्यप्रदेश के टेकनपुर में हो चुकी है। इस कॉन्फ्रेंस के फॉर्मेट में लगातार बदलाव हुए हैं और प्रधानमंत्री-गृहमंत्री अलग-अलग मौकों पर इसका हिस्सा बनते रहे हैं। कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले अलग-अलग राज्यों के डीजी प्रेजेंटेशन और चर्चा के मुद्दे तय करते हैं।

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