इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने के फैसले पर सवाल उठाने वालों को इतिहास नहीं पता: सीएम योगी।
मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इलाहाबाद का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही जिन संस्थाओं के नाम में इलाहाबाद लगा हुआ है। उनका नाम भी बदल दिया जाएगा।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इलाहाबाद का नाम बदलने पर कहा कि यहां पर गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का संगम होता है। इसलिए इसे प्रयागराज नाम दिया गया था। योगी ने इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुगलकाल में इस जगह का नाम इलाहाबाद किया गया था। जो इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें भारत के इतिहास की बिल्कुल भी जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इलाहाबाद का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही जिन संस्थाओं के नाम में इलाहाबाद लगा हुआ है। उनका नाम भी बदल दिया जाएगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद हाईकोर्ट व अन्य संस्थाओं को नाम को बदलने के लिए राज्य सरकार संबंधित संस्थाओं को पत्र लिखेगी। बताते चलें इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किए जाने की मांग लंबे अर्से से संत-महात्मा करते आ रहे हैं। मांग करने वालों का तर्क है कि पहले भी इलाहाबाद का नाम प्रयाग ही था जिसे मुगल बादशाह अकबर ने बदलकर ‘अल्लाहाबाद’ रख दिया था। कालांतर में इसे इलाहाबाद कहा जाने लगा।