एक और ‘सबरीमाला’ दोहराने की तैयारी, अब ये महिला तोड़ेगी एक और हिंदु परंपरा !
कानी समुदाय के अनुसार, 'यह पर्वत उनके देवता अगस्त्य मुनि का निवास स्थल है। हिंदू धार्मिक कथा के अनुसार ऐसा माना जाता है कि अगस्त्य मुनि इस समुदाय के संरक्षक हैं।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली। केरल के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश के बाद महिलाओं ने सोमवार को राज्य की एक और पुरानी परंपरा तोड़ दी है। के धान्या सानल ने राज्य की दूसरी सबसे ऊंची अगस्त्यार्कुडम चोटी की चढ़ाई शुरू कर दी। आदिवासी परंपरा के अनुसार इस पर्वत पर महिलाओं की चढ़ाई वर्जित थी। हाई कोर्ट ने नवंबर में इस चोटी पर महिलाओं की चढ़ाई पर लागू परंपरागत प्रतिबंध हटा दिया था। अगस्त्यार्कुडम यूनेस्को विरासत में शामिल है। यहां पर्वतारोहण कार्यक्रम एक मार्च तक चलेगा। राज्य की राजधानी से 50 किलोमीटर दूर बोनाकाउड से धान्या ने सोमवार को पुरुष पर्वतारोहियों के साथ पारंपरिक जंगल के रास्ते पहाड़ की चोटी की चढ़ाई शुरू की। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि धन्या उन 100 पर्वतारोहियों के पहले जत्थे में शामिल अकेली महिला हैं, जिसने 1,868 मीटर ऊंची इस चोटी की चढ़ाई शुरू की है। यात्रा की शुरुआत से पहले धान्या ने कहा, ‘यह यात्रा जंगल को और समझने तथा अपने अनुभवों को दूसरों से साझा करने के लिए है।’