नशे की आदत भी है एक बीमारी: डा. वैद्य
स्वास्थ्य विभाग ने ओएलएस स्कूल में आयोजित किया जागरुकता कार्यक्रम
कुल्लू:अंतर्राष्ट्रीय मादक दृव्य निषेध दिवस के उपलक्ष्य पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने ओएलएस स्कूल ढालपुर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के नशा मुक्ति विशेषज्ञ डा. सत्यव्रत वैद्य ने की। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डा. वैद्य ने बताया कि नशे और मादक दृव्यों का प्रयोग व्यक्ति पहले दोस्ती निभाने के लिए, फिर अपने आनंद के लिए और फिर समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए करता है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने के बाद उसे धीरे-धीरे इन मादक पदार्थों की आदत बन जाती है तथा उसकी मजबूरी बन जाती है। डा. वैद्य ने कहा कि हमें नशीले पदार्थों का प्रयोग न करने की हिम्मत व दृढ़ निश्चय दिखाना चाहिए। तभी हम नशामुक्त समाज और राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। डा. वैद्य ने नशीले पदार्थों से मानव शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी तथा विद्यार्थियों को इनका प्रयोग न करने की नसीहत दी।
इस अवसर पर प्रश्न सत्र भी आयोजित किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने डा. सत्यव्रत वैद्य से कई प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान किया। डा. वैद्य ने कहा कि नशे की आदत भी एक बीमारी है और इसका उपचार किया जा सकता है। कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में इस बीमारी के इलाज की व्यवस्था की गई है। नशे के आदी व्यक्ति के इलाज के लिए क्षेत्रीय अस्पताल के कमरा नंबर 108 में संपर्क किया जा सकता है। यहां विशेषज्ञ डाक्टर और परामर्शदाता नशे की आदत से छुटकारा दिलाते हैं तथा रोगी का पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के जनशिक्षा एवं सूचना अधिकारी देवेंद्र गौड़ ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि भारत में प्रतिदिन दस व्यक्ति नशीले पदार्थों के सेवन के कारण आत्महत्या कर देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और नशा विरोधी अभियान में अपना योगदान देने की अपील भी की।
इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य मैथ्यू पीजे ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा कार्यक्रम के आयोजन के लिए स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षक पदम जमवाल, अस्मिता शर्मा, शालिनी वर्मा, नमिता सिन्हा और विमला देवी भी उपस्थित रहीं।