ऑरेर डॉन संस्था ने खुलासा किया है कि फ्रांस में चार पंजाबी युवाओं की नशे की गिरफ्त में आने से मौत हो गई है। चारों युवक अवैध रूप से फ्रांस में रह रहे थे और संस्था ने इनकी शिनाख्त कर शवों को पंजाब लाने का बंदोबस्त किया है। संस्था का दावा है कि चारों शव इसी सप्ताह पंजाब आ जाएंगे। संस्था के मुताबिक गुरमुख सिंह उर्फ गोमा होशियारपुर, हरजिंदर सिंह जिंदा कुमरावां कपूरथला, परमजीत सिंह बजरोर होशियारपुर और वरिंदर कुमार नवांशहर शामिल हैं।
मंगलवार को प्रेसवार्ता में संस्था के प्रधान इकबाल सिंह भट्टी ने बताया कि फ्रांस गए ज्यादातर पंजाबी युवक नशे की दलदल में फंस कर अपना सब कुछ गंवा कर सड़कों पर रहने के मजबूर होते हैं। कई तो अवैध रूप से फ्रांस में रह रहे हैं। ऐसे में नशे की दलदल में फंसे जब युवा मौत का ग्रास बन जाते हैं तो उनकी पहचान नहीं हो पाती है।
भट्टी ने बताया कि ऐसे में फ्रांस की पुलिस ऑरेर डॉन संस्था से संपर्क कर पहचान कराती हैं कि मृतक भारत का तो नहीं। मृतक भारतीय होता है तो यह संस्था शवों को भारत लाकर परिजनों तक पहुंचाती है। भट्टी ने कहा कि सिर्फ फ्रांस ही नहीं बल्कि पूरे यूरोप में यही हाल है, इस पर पंजाब सरकार को जरूर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने बताया उनकी संस्था वर्ष 2003 से अब तक 117 शवों को भारत भिजवा चुकी हैं। शुरुआत में गुरुद्वारों और फ्रांस में रहने वाली कम्यूनिटी की मदद से 43 शवों को भिजवा था। अब संस्था भारत सरकार के खर्चे पर शव परिजनों को सुपुर्द करती हैं।
संस्था के मुताबिक करीब 250 पंजाबी युवक नशे में फंस कर फ्रांस की सड़कों और गलियों में तबाह हो रहे हैं। इनमें से ज्यादातर नौजवानों के पास पहचान पत्र तक नहीं हैं। इसलिए पंजाब सरकार का फर्ज बनता है कि इन युवाओं की पहचान कर उनको पंजाब वापस लाने के लिए कदम उठाने चाहिए। भट्टी ने बताया की उनकी संस्था और पेरिस स्थित भारतीय दूतावास मिलकर ऐसे युवाओं की पहचान कर सकते हैं।