भारत बंद के दौरान एम्बुलेंस में मरीज को देखकर सवर्ण समाज ने आंदोलन रोक एम्बुलेंस को दिया रास्ता।
मानवता की मिसाल पेश करते हुए प्रदर्शनकारियों ने एम्बुलेंस को न केवल रास्ता दिया, बल्कि केंद्र सरकार के खिलाफ की जा रही नारेबाजी भी कुछ देर के लिए बंद कर दी थी।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : उत्तर प्रदेश के बांदा जिला मुख्यालय में मानवता की तस्वीर देखने को मिली। दरअसल अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एससी/एसटी एक्ट) में संशोधन का विरोध कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों के बीच जाम में एक मरीज को ले जा रही एंबुलेंस फंस गई। प्रदर्शनकारियों ने इस एंबुलेंस को रास्ता दिया। अपर पुलिस अधीक्षक लाल भरत कुमार पाल ने बताया कि गुरुवार की दोपहर अर्धनग्न प्रदर्शनकारियों के जाम में गंभीर रूप से बीमार एक मरीज को लिए जा रही एंबुलेंस अशोक लॉट तिराहे के पास फंस गई थी, लेकिन मानवता की मिसाल पेश करते हुए प्रदर्शनकारियों ने उसे न केवल रास्ता दिया, बल्कि केंद्र सरकार के खिलाफ की जा रही नारेबाजी भी कुछ देर के लिए बंद कर दी थी, ताकि मरीज को शोर-शराबे से दिक्कत न हो।” नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार ने बताया कि करीब छह सौ अर्धनग्न प्रदर्शनकारी एससी/एसटी एक्ट बिल पास किए जाने के विरोध में उन्हें ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि बांदा जिला मुख्यालय में भारत बंद का मिला-जुला असर रहा, प्रदर्शनकारी शांतपूर्वक आंदोलन कर घर लौट गए। हालांकि मुख्यमंत्री ने इस बंद के किसी प्रभाव से इनकार किया, उनका कहना है कि सबकुछ शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया।