मेरे खिलाफ आरोप झूठे: विजय माल्या
लंदन/नई दिल्ली.भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या (61) के एक्स्ट्राडीशन (प्रत्यर्पण) केस की सुनवाई लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में सोमवार से शुरू हुई। ये 14 दिसंबर तक चलेगी। कोर्ट में पेश होने से पहले माल्या ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। माल्या ने कहा- मेरे खिलाफ आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी के अफसरों की टीम भी मौजूद रहेगी। इसकी अगुआई स्पेशल सीबीआई डायरेक्टर राकेश अस्थाना करेंगे। ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) भारत का पक्ष रख रही है। बता दें कि माल्या पर 17 बैंकों के 9,432 करोड़ रुपए बकाया हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पिछले साल 2 मार्च को देश छोड़कर भाग गया था। भारत ने ब्रिटेन से उसके एक्स्ट्राडीशन की रिक्वेस्ट की थी।
लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेश होने से पहले विजय माल्या ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उसने कहा- मैं कई बार कह चुका हूं कि मेरे खिलाफ आरोप झूठे, मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं। मुझे और कुछ नहीं कहना। कोर्ट में पेश दस्तावेज अपने आप में सबूत हैं।
माल्या ने आगे कहा- मैं फैसला लेने वाला नहीं हूं। जो प्रोसीजर है, उसको फॉलो करूंगा। मेरे पास कहने को कुछ नहीं है।
फायर अलार्म से रुकी सुनवाई
माल्या के खिलाफ कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी। दरअसल, कोर्ट रूम का फायर अलार्म अचानक बज उठा। कुछ देर के लिए कोर्ट रूम खाली कराया गया। इसके बाद फिर सुनवाई का सिलसिला शुरू हुआ। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अलार्म फायर ड्रिल की वजह से बजा था।
CPS ने कहा कि माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस के लिए भारतीय बैंकों के कंर्सोटियम से दो हजार करोड़ का लोन लिया। इस दौरान CPS ने ये भी माना कि बैंकों की तरफ से लोन देने में कुछ गड़बड़ी हो सकती है। लेकिन, इस पर बाद में भारत में विचार किया जाएगा।
CPS ने कहा- हमारा फोकस माल्या के तरीकों पर है कि किस तरह उन्होंने बैंकों को गलत जानकारी दी। CPS की तरफ से भारत का पक्ष इसके वकील मार्क समर्स ने रखा। उन्होंने कोर्ट को सारी घटना की तफ्सील से जानकारी दी।