(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : सड़क एक्सीडेंट्स में लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा मोटर व्हीकल बिल 2019 संसोधन को लाया गया था। ये बिल बुधवार को राज्यसभा में पास हो गया है। राज्यसभा ने विधेयक को चर्चा के बाद 13 के मुकाबले 108 मतों से पारित कर दिया। आपको बता दें कि विधेयक को 23 जुलाई को लोकसभा में पारित किया गया था। हालांकि, कुछ संसोधन के बाद अब ये फिर से लोकसभा में जाएगा। इस बिल के प्रावधानों के मुताबिक, इनमें गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग, शराब पीकर नशे में गाड़ी चलाना, रेड लाइट पार करना, ओवर टेकिंग और तेज गति से गाड़ी चलाना और सड़क की खराब हालत प्रमुख रूप से शामिल हैं।
आपको बता दें कि यही बिल अप्रैल 2017 में भी लोकसभा में पास हुआ था, लेकिन राज्यसभा से इसे हरी झंडी नहीं मिल सकी थी। जिसके चलते ही एक बार फिर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को ये बिल पेश करना पड़ा है। जानिए आज से आपको किस ट्रैफिक रूल को तोड़ने पर कितने देना होगा चार्ज।
नाबालिग को वाहन देना: नए कानून में नाबालिग वाहन चलाता पाया गया ताे वाहन मालिक काे दोषी माना जाएगा। वाहन मालिक को 25 हजार रुपए का जुर्माना और तीन साल की सजा होगी और नाबालिग को 25 साल की उम्र होने तक लाइसेंस नहीं मिलेगा। वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द होगा। नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय एक्ट 2000 के तहत मुकदमा चलेगा। बिल में 4 साल से अधिक उम्र के बच्चे काे भी अब हेलमेट लगाना हाेगा। नए बिल में ड्राइविंग की बाकी गलतियों में जुर्माना पहले के मुकाबले 5 से 30 गुना तक बढ़ा दिया गया है। दुपहिया वाहनों में ओवरलोडिंग करने पर अब 100 रुपए की जगह 3 हजार रुपए फाइन देना हाेगा।
ड्रंकन ड्राइविंग: अभी दो हजार और नए एक्ट में दस हजार रूपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।जेल की सज़ा का भी प्रावधान।
हिट एंड रन: ऐसे केस में यदि पीड़ित घायल है तो आरोपी वाहन चालक पर 12500 और पीड़ित की मौत होने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना होता है।नए एक्ट में क्रमशः यह राशि पचास हजार और दो लाख रुपये रखी गई है। साल 2018 में हिट एंड रन के करीब 55 हजार मामले सामने आए थे, जिनमें 22 हजार से अधिक लोगों की जान चली गई है। इन संसोधनों के बाद सड़क पर वाहन चलाने के नियम काफी कड़े हो गए हैं।