मोदी का वाराणसी में रोड शो, मोदी की झलक पाने उमड़ा जन सैलाब

गंगा आरती में शंखनाद के साथ ही मोदी ने अपनी ताकत दिखा दी और काशी को भगवामय कर दिया।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : अपने संसदीय क्षेत्र में दूसरी पारी खेलने पहुंचे मोदी के स्वागत में जनसैलाब उमड़ पड़ा। तीन बजे से उनका रोड शो प्रस्तावित था पर, सवा दो घंटे की देरी से शुरू हुए इस मेगा शो में अब तक के सारे रिकार्ड टूट गए। लंका से लाखों निगाहों की छाया से गुजरती हई विविध रंगों से सजी करीब सात किलोमीटर लंबी उनकी यात्रा ढाई घंटे में दशाश्वमेध घाट तक पहुंची तो काशी अभिभूत थी। मोदी पर फिदा थी। मोदी ने भी काशी का दिल जीत लिया।गंगा आरती में शंखनाद के साथ ही मोदी ने अपनी ताकत दिखा दी और काशी को भगवामय कर दिया। शुक्रवार को नामांकन से पूर्व उनके इस शो ने संकेत दे दिया कि केवल वाराणसी ही नहीं बल्कि उप्र के अलावा अन्य राज्यों में भी भगवा फहराएगा। मोदी 2014 में चुनाव लड़ने देश की धार्मिक-सांस्कृतिक राजधानी काशी आये तब उन्होंने कहा था कि मैं यहां आया नहीं, मां गंगा ने बुलाया है। इस बार वह गंगा का आशीर्वाद लेने पहुंचे तो अतीत की स्मृतियों के साथ भविष्य के ख्वाब आंखों में तैर रहे थे। पुजारी ने उन्हें तिलक लगाया तो बतौर प्रधानमंत्री अपनी दूसरी पारी खेलने के लिए उनकी आंखों की चमक उभर आयी।गंगा पुत्र का भक्ति भाव घाट पर खूब दिखा। आरती की तैयारी के लिए पहले से ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अपने सिपहसालारों के साथ दशाश्वमेध घाट पर मौजूद थे। इसके पहले बीएचयू गेट के सामने लंका चौराहे पर मोदी की अगवानी के लिए चिलचिलाती धूप में भी लोग पूरे उत्साह से जमे थे। मोदी को तीन बजे लंका पहुंचना था पर वह करीब सवा पांच बजे शाम को काली रेंज रोवर से भगवा कुर्ता पहने उतरे तो मोदी-मोदी के नारे गूंज उठे। वहां पूरा वातावरण भगवामय हो गया था।

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मोदी सीढ़ियां चढ़कर पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पहुंचे और आधा शरीर झुकाकर दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम किया। प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद वह जनता की ओर घूमे। जनता-जनार्दन के अभिवादन में भी बिल्कुल वही अंदाज। उन्होंने चारों तरफ प्रणाम की मुद्रा में परिक्रमा की और नीचे उतर आए। अपने वाहन में जाते ही रूफटॉप से जनता की ओर हाथ लहराया और कारवां चल पड़ा। फूलों की बारिश शुरू हो गई।जनसैलाब के इस प्यार और समर्पण को देख मोदी की आंखों में उजाले के नये प्रतिबिंब उभर आए। उनका कारवां अस्सी की ओर मुड़ा। आगे-आगे सुरक्षाकर्मियों के वाहन चल रहे थे। दोनों तरफ कतारबद्ध लोग मोदी की झलक पाने के लिए बेचैन हो गये। मोदी के वाहन के पीछे एक बड़े वाहन पर बनाये गये रथ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडेय, लोकसभा क्षेत्र प्रभारी और केंद्रीय मंत्री जेपी नड़डा, पीयूष गोयल और अपना दल एस की संरक्षक अनुप्रिया पटेल, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन समेत कई प्रमुख लोग सवार थे। इसके बाद वाहनों की लंबी कतार।मोदी सड़कों के दोनों ओर खड़े और छत की मुंडेरों से झांक रहीं महिलाओं, बच्चों और बूढ़ों से हाथ हिलाकर अभिवादन करते और अपने ऊपर बरस रही गुलाब की पंखुडि़यों को चेहरे से हटाते। उनकी काले रंग की गाड़ी गुलाबी हो गई थी। जहां तक नजर जा रही थी, बस सिर ही सिर नजर आ रहे थे। कोई केसरिया टीशर्ट पहने तो कोई पगड़ी बांधे। किसी के गले में भाजपा का भगवा दुपट़टा तो कहीं रामायण के पात्रों के वेश में रामजी की सेना। विहंगम दृश्य था और मोदी की भावुकता चेहरे पर झलक रही थी।काशी बोले ‘दिल से-मोदी फिर से’, जैसे नारे गूंज रहे थे। मोदी बीच-बीच में पानी पी रहे थे। गंगा आरती का समय शाम सात बजे निर्धारित है। इसलिए मोदी की यात्रा थोड़ी तेज हो गई। अस्सी से भदैनी तक उन पर जमकर फूल बरसे। अस्सी में संस्कृति के प्रतीकों के साथ लोग खड़े थे। आस्था के साथ राष्ट्रवाद भी नजर आ रहा था।सोनारपुरा में तो अद़भुत मंजर था। उत्साह का आलम देखते ही बन रहा था पर, मुसलमानों की बड़ी आबादी वाले मदनपुरा में गंगा-जमुनी तहजीब जिंदा हो गई। मोदी की अगवानी में मुस्लिम समाज सबसे आगे था। यह पिछले पांच वर्षों के विश्वास का नतीजा था। यह समाज मोदी को फिर पीएम बनाने के लिए पूरे उत्साह से आगे आया। मुबारक अली ने कहा यह मोदी के भरोसे की जीत है क्योंकि उन्होंने बिना भेदभाव काम किया। मोदी मदनपुरा पहुंचे तो साढ़े छह बज चुके थे। यह सफर लोगों के उत्साह का गवाह बन गया।मोदी-मोदी के गगनभेदी नारों से काशी गुंजायमान थी। कभी छतों पर देखते, हाथ जोड़ते तो कभी दाएं-बाएं लोगों का अभिवादन कबूल करते। हाथ लहराते।

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उन पर गुलाबों की पंखुडि़या बरस रही थीं। यह सिलसिला बना हुआ था। खुद मोदी फूल मालाओं को जनता की ओर उछाल रहे थे। सबसे दिलचस्प तो यह कि मुसलमान टोपी लगाए और गले में भाजपा का दुपट़टा भी पहने थे। मोदी आगे बढ़े तो सड़कें जगमग हो गईं। फूलों से नहाए मोदी को रोशनी भी गले लगा रही थी और उनके चेहरे पर एक दर्प उभर रहा था। दुनिया में खास पहचान बना चुके इस महानायक को अपने बीच पाकर काशी का भी दर्प उभर आया।गोदौलिया में स्वागत की बड़ी तैयारी थी। यहां शो अपने पूरे शबाब पर था। इस समय तक सवा सात बज गये थे। लोग उत्साह से कह रहे थे कि काशी ने न तो 2014 में और न ही 2017 में यह जलवा देखा। मोदी के कटआउट भी चारों तरफ लहरा रहे थे। गोदौलिया चौराहे पर बने मंच पर मोदी सरकार की योजनाओं को ठीक ढंग से प्रचारित किया गया था। माहेश्वरी परिषद के गौरीशंकर नेवर और इंद्रकुमार समेत कई लोग साफा बांधे सड़क पर मौजूद थे। गोदौलिया से दशाश्वमेध तक दोनों तरफ स्वागत में लोग ठसाठस भरे थे।घाट पर गंगा आरती के लिए विशेष सजावट थी। अमित शाह के साथ सांसद अनिल जैन और सुनील बंसल मौजूद थे। यहां गंगा सेवा निधि ने घाट को विशेष रूप से सजाया था। गंगा के उस पार मोदी का बड़ा सा कटआउट लहरा रहा था और ‘मैं भी चौकीदार’ के नारों से सजी तख्तियां भी खूब दिख रही थीं।

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