राहुल गांधी का गैरजिम्मेदाराना बयान- राष्ट्र के पीएम को कहा चोर।

केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने जयपुर में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के मन में प्रधानमंत्री पद के लिए कोई भी सम्मान नहीं है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को राफेल विमान सौदे में कथित घपले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीको चोर कहा।
राहुल ने राजस्थान के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा में पार्टी की संकल्प महारैली को संबोधित करते हुए राफेल विमान सौदे में कथित घपले का जिक्र किया। राहुल ने कहा,‘नरेंद्र मोदीजी ने कहा था मैं देश का प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहता हूं, मैं देश का चौकीदार बनना चाहता हूं, लेकिन आज देश के दिल में, राजस्थान की जनता के दिल में एक नयी आवाज उठ रही है, गली-गली में शोर है, हिंदुस्तान का चौकीदार चोर है।’ वहीं, भाजपा ने राहुल की इस टिप्पणी की निंदा की। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने जयपुर में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के मन में प्रधानमंत्री पद के लिए कोई भी सम्मान नहीं है। इससे पहले राहुल गांधी ने जनसभा में नोटबंदी को लेकर भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने इस कदम से पूरे देश को बैंक के सामने कतारों में खड़ा कर दिया। ‘लेकिन, बैंक के सामने कतारों में सिर्फ गरीब लोग खड़े थे। कोई ललित मोदी, विजय माल्या या अनिल अंबानी उस कतार में नहीं था। यह पूरे देश ने देखा है।’ उन्होंने उद्योगपति विजय माल्या के देश से भागने का जिक्र करते हुए कहा कि वह संसद में देश के वित्त मंत्री से मिलकर जाता है। गांधी ने कहा,’देश के वित्त मंत्री ने 9000 करोड़ रुपये की चोरी करनेवाले चोर को भगा दिया और देश के प्रधानमंत्री एक शब्द नहीं बोल रहे।’ उन्होंने माल व सेवा कर (जीएसटी) को एक बार फिर ‘गब्बर सिंह टैक्स’ करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार आयेगी, तो इस गब्बर सिंह टैक्स को बदलकर हम जीएसटी बना देंगे। ये जो पांच अलग-अलग दरें बना रखी हैं इसे हम बदलकर एक कर दर देंगे। उन्होंने कहा,‘कम से कम टैक्स आपको देने पड़ेंगे।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को विफल बताते हुए कहा कि आज हमारी शर्ट से लेकर पैंट और जूते से लेकर मोबाइल पर ‘मेड इन चाइना’ का ठप्पा लगा होता है। उन्होंने बुलेट ट्रेन की व्यावहारिकता पर सवाल उठाया और कहा कि कुछ हजार लोगों की सुविधा के लिए इस परियोजना पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं, जबकि देश का कुल रेल बजट ही डेढ़ लाख करोड़ रुपये का है। इससे पहले राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की बहुप्रचारित राजस्थान गौरव यात्रा पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा, ‘इस यात्रा की सब गाड़ियों के पेट्रोल-डीजल का पैसा जनता की जेब से जा रहा है।’ राजस्थान में मौजूदा सरकार के खिलाफ लड़ाई का जिक्र करते हुए गांधी ने कहा कि यह लड़ाई राजस्थान की जनता जीतनेवाली है। उन्होंने कहा,‘राजस्थान की मौजूदा सरकार को कोई बचा नहीं सकता। न नरेंद्र मोदी, न राजेजी (मुख्यमंत्री), न उनका पैसा।’ उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में जो कुछ भी होता है वह गिने चुने लोगों के लिए होता है। गांधी ने कहा, ‘जो कुछ भी होता है 15-20 लोगों के लिए होता है। बुलेट ट्रेन बनेगी, तो एक दो हजार लोगों के लिए बनेगी मगर यहां डूंगरपुर में रेल लाइन नहीं आ सकती। कर्जा माफ होगा तो उन 15 लोगों का होगा, किसानों का नहीं हो सकता। जीएसटी बनेगा तो छोटे दुकानदारों तथा छोटे व मझौले उद्यमियों के लिए नहीं बनेगा, 15-20 उन्हीं लोगों के लिए जीएसटी बनेगा।’ राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी राजस्थान की जनता की शक्ति का इस्तेमाल इस प्रदेश को आगे बढ़ाने व इसका विकास करने में करना चाहती है और वह न अपने मन की बात करेगी और न ही कोई झूठे वादे करेगी। रैली को संबोधित करते हुए पार्टी के महासचिव अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ही आदिवासियों का ख्याल रखा है। वहीं, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि प्रदेश की जनता ने पिछले लगभग पांच साल तक मौजूदा वसुंधरा राजे सरकार को सहन किया है, लेकिन अब उसकी बर्दाश्त की सीमा खत्म हो गयी है। इससे पहले राहुल गांधी विशेष विमान से उदयपुर के डबोक हवाई अड्डे पर पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनके साथ थे। वहां से हेलीकाप्टर से सभास्थल पहुंचे। सभा में भारी भीड़ थी। राजस्थान में दो महीने बाद ही विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के बारे में गांधी की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ईरानी ने जयपुर में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी के मन में प्रधानमंत्री पद के लिए कोई सम्मान नहीं है। ईरानी के अनुसार, वह प्रधानमंत्री पद का उल्लेख इसलिए कर रही हैं ‘क्योंकि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब भी राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से एक अध्यादेश फाड़ा था।’ ईरानी के अनुसार, ‘राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद का तब ही सम्मान करते हैं जब गांधी खानदान का कोई वहां बैठा होता है।’

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