लहौल स्पीती : बर्फ में फ़से पर्यटक, चिप्स खाकर और बर्फ़ से पानी बनाकर बचाई जान
लुधियाना की सुलेखा ने बताया कि भगवान का शुक्र है कि वे सुरक्षित निकले हैं। अपना दर्द बयां करते कहा कि सभी लोग छह दिन तक गाड़ी में ही रहे
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : छह फीट बर्फ के बीच फंसे पर्यटकों ने चिप्स खाकर और बर्फ का पानी उबालने के बाद पीकर अपनी जान बचाई। लाहौल-स्पीति में बर्फ से लदी सड़क के बीच कड़ाके की ठंड में देश-विदेश के सैलानियों को छह दिन गाडि़यों में ही सोकर सर्द रातें बितानी पड़ीं।एयरफोर्स के हेलीकाप्टर से एयरलिफ्ट की गईं महिलाएं कुल्लू में अपनों के बीच पहुंचते ही फूट-फूट कर रोने लगीं। शुक्रवार को सेना ने एक और चीता हेलीकाप्टर को रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल किया। पटसेउ से रेस्क्यू किए चंडीगढ़ से समीर ने बताया कि उनके साथ उनकी पांच साल की बेटी कायरा भी थी। उन्होंने लेह से मनाली आना था, लेकिन 22 सितंबर से वह भारी बर्फबारी के चलते बारालाचा में फंसे रहे।कहा कि उन्हें तीन दिन तक चिप्स खाकर गुजारा करना पड़ा। 25 और 26 सितंबर को उन्हें यहां फंसे ट्रक वालों ने खाना खिलाया। 27 को वह बारालाचा से जिंगजिंगबार और सूरजताल होते हुए छह फीट बर्फ के बीच 10 किलोमीटर पैदल चले और उन्हें आर्मी ने अपने वाहनों से पटसेउ स्थित अपने कैंप तक पहुंचाया। लुधियाना की सुलेखा ने बताया कि भगवान का शुक्र है कि वे सुरक्षित निकले हैं। अपना दर्द बयां करते कहा कि सभी लोग छह दिन तक गाड़ी में ही रहे। उन्हें बारालाचा से बाहर निकलने की चिंता सता रहा थी। छह रातें सो भी नहीं पाई।भरतपुर में ढाबा चलाने वाले पतलीकूहल के सन्नी कुमार ने बताया कि पीने के पानी की व्यवस्था न होने से ट्रक वालों ने स्टोव पर बर्फ पिघलाकर पानी पिलाया। कई ने तो बर्फ खाकर ही अपनी प्यास बुझाई। गुजरात के सूरत की रहने वाली दृष्टि ने बताया कि वह वह इस मंजर को ताउम्र नहीं भूल पाएंगे। बर्फ से उनकी माता की आंखें उन्हें परेशान कर रही है। ऐसे में वे एक-दो दिन कुल्लू में रुकने के बाद घर जाएंगे। लुधियाना के राजकुमार ने कहा कि उनके दो बेटे अभी भी फंसे हुए हैं।