हिमाचल प्रदेश : जान बचाने के लिए चार दिन पैदल चल केलांग पहुंचे 21 लोग
25 सितंबर को मौसम खुलने पर ये लोग लाहौल की तरफ रवाना हुए। शिंकुला दर्रे में पैदल सफर के दौरान हिमाचल सीमा में प्रवेश करते ही एक नेपाली ने दम तोड़ दिया
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : हिमाचल व जम्मू-कश्मीर की सीमा में भारी बर्फबारी में फंसे 22 नेपाली मजदूरों में से एक की ठंड और भूख से मौत हो गई। सभी 21 लोग शव को बर्फ में छोड़ चार दिन तक पैदल शुक्रवार को केलांग पहुंचे। इनमें से 12 को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पांच लोगों को गैंगरीन हो गया है जबकि अन्य को आंखों में तकलीफ हो रही है। 22 सितंबर को हुई भारी बर्फबारी के बीच 22 नेपालियों के दल ने कारगिल के करग्या गांव में शरण ली। 25 सितंबर को मौसम खुलने पर ये लोग लाहौल की तरफ रवाना हुए। शिंकुला दर्रे में पैदल सफर के दौरान हिमाचल सीमा में प्रवेश करते ही एक नेपाली ने दम तोड़ दिया।शव को वहीं छोड़ अन्य नेपाली पैदल चार दिन बाद लाहौल के दारचा गांव पहुंचे। यहां उन्हें रेस्क्यू टीम के सदस्य जिप सदस्य तंजिन कारपा, विजय, मनु व संजय मिले। इसके बाद 12 नेपाली मजदूरों को केलांग अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल करवाया गया है।तंजिन कारपा ने बताया कि करग्या से लाहौल पहुंचे मजदूरों ने साथी की मौत होने की बात कही है। बताया कि लगातार भूखे प्यासे रहने व ठंड में शिंकुला दर्रा पार करते साथी की मौत हो गई। वहीं, सीएमओ डीडी शर्मा ने बताया कि उपचार के दौरान पांच लोगों में गैंगरीन पाई गई। अन्य की आंखों में तकलीफ है, जिन्हें उपचार दिया जा रहा है।