अहमदाबाद: आगे बढ़ने के साथ ओखी चक्रवात कमजोर पड़ता जा रहा है और संभव है कि पहले की आशंकाओं के विपरीत यह सूरत के पास गुजरात के तट तक न पहुंचे। एक आधिकारिक बयान में मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि ओखी कमजोर पड़ता जा रहा है और संभव है कि गुजरात के तट तक पहुंचते हुए यह सामान्य हो जाए।
Conducted review meeting with officials in view of #OkhiCyclone at Surat. Instructed them to leave no stone unturned to counter any adverse situation. People are requested to follow the instructions issued by the administration from time to time and cooperate. No need to panic. pic.twitter.com/vgxXzD8ETh
— Vijay Rupani (@vijayrupanibjp) December 5, 2017
मौसम विभाग के मुताबिक सूरत के दक्षिण पश्चिम किनारे से 240 किलोमीटर दूर ओखी कमजोर पड़ गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, ‘पिछले 6 घंटों में पूर्वी मध्य अरब सागर से उत्तर-पूर्वी दिशा में बढ़ते हुए चक्रवात में 18 किलोमीटर प्रतिघंटा की कमी आई है।’ मौसम विभाग ने कहा, ‘ऐसा संभव है कि गुजरात के दक्षिणी किनारे की ओर उत्तर पूर्व में बढ़ते हुए 5-6 दिसंबर की रात ओखी चक्रवात और कमजोर होगा।’ हालांकि तटों पर तूफान के खतरे की चेतावनी को मौसम विभाग ने वापस नहीं लिया है क्योंकि अभी भी समुद्र में तेज हवाएं और भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है।
मौसम विभाग के निदेशक जयंत सरकार ने कहा, ‘चक्रवात पहले ही कमजोर हो गया है और आगे यह और कमजोर पड़ता जाएगा। यह संभव है कि गुजरात के तट से यह न टकराए और तट तक आने से पहले ही कमजोर पड़ जाए।’ उन्होंने कहा कि सर्दियों में पर्यावरण की स्थितियों के कारण चक्रवात कमजोर पड़ गया है लेकिन अगर यह मॉनसून या उससे पहले आता तो स्थितियां अलग हो सकती थीं।
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात के कमजोर पड़ने के बावजूद गुजरात के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना है और अगले 18 घंटों तक आसपास के इलाकों में समुद्र अशांत रहेगा। मौसम विभाग ने मछुआरों को भी अगले 2 दिनों तक समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है।
गौरतलब है कि मुंबई में भारी बारिश के बाद ऐसा अंदेशा जताया जा रहा था कि ओखी चक्रवात सूरत की ओर जा सकता है। इसके कारण गुजरात में कई नेताओं ने अपनी चुनावी रैलियां भी रद्द कर दी थीं। इस बीच गुजरात के मुख्यमंत्री ने सूरत का दौरा किया और स्थितियों का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक सूरत में 1600 लोगों को शिफ्ट कर दिया गया है और एनडीआरएफ, बीएसएफ, नेवी और कोस्टगार्ड को सभी जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।