ठण्ड में अति सहायक सिद्ध होती है लिंग मुद्रा

कंपा देने वाली ठण्‍ड में भी पसीना ला देगी यह मुद्रा |

कैसे करे लिंग मुद्रा
अपने हाथों की अंगुलियों को एक-दूसरे में फंसाकर अपने दोनों हाथों के किसी भी एक अंगूठे को बिल्कुल सीधा रखना ही लिंग मुद्रा कहलाता है।



लिंग मुद्रा के फायदे
<> लिंग मुद्रा को सर्दी के मौसम में ही करना चाहिए। इस मुद्रा को करने से पुराने से पुराना नजला, जुकाम तथा सांस का रोग आदि बिल्कुल ठीक हो जाते हैं। सर्दी और बुखार में यह मुद्रा बहुत ही असरकारक है।

<> गृहस्थ जीवन में लिंग मुद्रा(Linga Mudra)के प्रयोग से आप अपने शरीर की अनावश्यक कैलोरी को हटाकर मोटापे को कम कर सकते हैं शरीर में अधिक सर्दी महसूस होने या शीत बाधा होने पर लिंग मुद्रा के प्रयोग से शीघ्र लाभ होता है इसे अधिक देर तक करने से सर्दियों में भी पसीना आता है

<> मुद्रा बलगम को रोककर फेफड़ों को शक्ति प्रदान करती है लेकिन लिंग मुद्रा(Linga Mudra)का प्रयोग आप सिर्फ आवश्यकतानुसार ही करें क्युकि शरीर में उष्णता उत्पन्न करनेवाली इस मुद्रा को अधिक लम्बे समय तक और स्वेच्छानुसार नहीं करना चाहिए-




सावधानी-
<> लिंग मुद्रा को करने से शरीर मे गर्मी पैदा होती है परंतु इस मुद्रा को ज्यादा लंबे समय तक नहीं करना चाहिए।

<> लिंग मुद्रा का अभ्यास 15 मिनट सुबह और 15 मिनट शाम को करना चाहिए। सर्दियों के मौसम में इस मुद्रा को ज्यादा समय तक कर सकते हैं परंतु गर्मी के मौसम में इसको ज्यादा समय तक नहीं करना चाहिए।

<> जिन व्यक्तियों की तासीर गर्म होती है उन्हें इस मुद्रा को नहीं करना चाहिए।

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