हिमाचल : मनमानी कर रहे ट्रक ऑपरेटरों पर सरकार ने नकेल कसनी शुरू की

प्रदेश में मनमानी पर उतारू कई ट्रक ऑपरेटरों पर सरकार ने नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। नई सरकार के गठन के बाद सरकार के स्तर पर उद्योग और परिवहन विभाग की बैठक होगी, जिसमें अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।



इसी बैठक में नए सिरे से ट्रकों का मालभाड़ा तय किया जाएगा। वीरभद्र सरकार के दौरान तीन साल से इस संबंध में बैठक ही नहीं हो सकी थी।

दरअसल, वीरभद्र सरकार के दौरान ट्रकों का मालभाड़ा तय करने के लिए होने वाली उद्योग व परिवहन विभाग की बैठक तीन साल से हुई ही नहीं। इसी का नतीजा है कि सूबे में ट्रक ऑपरेटर मनमर्जी से भाड़ा वसूल कर रहे हैं।

इस वजह से आम लोगों तक सामान ढुलाई में ज्यादा परेशानी आ रही थी। वहीं, सीमेंट व विभिन्न तरह के सामान के परिवहन में भी ज्यादा व्यय हो रहा है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।

चूंकि सूबे में कई ट्रक ऑपरेटरों की यूनियनों का राजनीतिक रसूख रहा है, ऐसे में उन पर लगाम कसने से पिछली सरकार भी बचती रही। अब नई सरकार के गठन के साथ ही नए सिरे से भाड़ा तय करने को लेकर बैठक की कवायद शुरू कर दी है।




उधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग तरुण कपूर ने बताया कि बैठक करने के लिए परिवहन विभाग को पत्र लिखा गया है। अधिकारियों की सुविधा के हिसाब से बैठक का समय तय कर ट्रकों के किराये की समीक्षा कर उसे निर्धारित किया जाएगा।

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