वायुसेना के गरुड़ कमांडो JP निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र, राष्ट्रपति हुए भावुक
शहीद कमांडो JP निराला की पत्नी को अशोक चक्र का सम्मान देते समय राष्ट्रपति कोविंद अपने आंसू नहीं रोक पाए
(एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ) : शुक्रवार को गणतंत्र दिवस की परेड में संस्कृति, शौर्य और शक्ति के प्रदर्शन के साथ ही भारतीय वायुसेना के गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित भी किया गया। इस दौरान शहीद कमांडो की पत्नी को अशोक चक्र देने के दौरान राष्ट्रपति भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक पाए। आपको बता दें अशोक चक्र शांति के समय दिया जाने वाला देश का सबसे बड़ा सैन्य सम्मान है। JP निराला आतंकवादियों से लड़ते हुए जम्मू कश्मीर में शहीद हो गए थे। अशोक चक्र का सम्मान JP निराला को मरणोपरांत उनकी पत्नी को दिया गया कमांडो JP निराला ने जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से लड़ाई के दौरान अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए अपने प्राणों का देश के नाम बलिदान कर दिया था। 18 दिसंबर 2017 को निराला बांदीपुरा जिले के चंद्रनगर गांव में गरुड़ की टुकड़ी और राष्ट्रीय राइफल द्वारा संयुक्त रुप से शुरू किए गए एक आक्रामक अभियान में शामिल हुए थे। इस गांव में आतंकवादियों के छिपे होने की खबर मिली थी। गरुड़ टुकड़ी ने उस घर को चारों ओर से घेर लिया था जहां पर आतंकवादी छुपे हुए थे। इस दौरान निराला ने खुद को आतंकवादियों के ठिकाने के पास रखा जिससे वह भाग रहे आतंकवादियों को बचकर निकलने ना दें। इस दौरान जब सेना की टुकड़ी आतंकियों के बाहर निकलने का इंतजार कर रही थी तभी 6 आतंकवादी बाहर भागते हुए दिखाई पड़े जिन पर सैनिकों ने गोलियां बरसाई और हथगोले फेंकने शुरू कर दिए। इस गोलीबारी में निराला के हाथों लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी मारे गए और दो घायल हुए। इस मुठभेड़ में निराला भी गोली लगने से घायल हो गए थे लेकिन इस गंभीर रूप से घायल अवस्था में भी उन्होंने आतंकियों का सामना करना जारी रखा और आखिरकार उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। इस पूरे ऑपरेशन में सभी छह आतंकवादी मारे गए थे जिसमें से 3 आतंकियों को निराला ने अकेले ही मारा था। निराला 31 वर्ष की उम्र में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए। वह बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले थे। निराला के पीछे उनकी तीन अविवाहित बहने और बूढ़े मां बाप भी परिवार मैं हैं।