विश्व के सबसे ऊंचे रूट पर बस सेवा हुई बंद
एचआरटीसी केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगल चंद मानेपा ने कहा कि बीआरओ से प्राप्त इनपुट के आधार पर बस सेवा को अगले साल तक के लिए बंद कर दिया गया है।उन्होंने कहा खराब मौसम और फिसलन के चलते इस बस सेवा को संचालित करने में काफी जोखिम है। इसी को देखते हुए सेवा अगले साल तक के लिए बंद कर दी गई है।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : हिमाचल पथ परिवहन निगम ने दिल्ली से लेह के बीच चलने वाली बस सेवा को अगले साल के लिए बंद कर दिया है। 1043 किलोमीटर लंबे इस रूट पर खराब मौसम और बर्फबारी के चलते बस सेवा बंद कर दी गई है।अब यह सेवा केलांग तक ही संचालित होगी। वर्तमान में यह बस देश के उन सबसे दुर्गम इलाकों से होकर गुजरती है, जहां साल भर बसों का संचालन करना बेहद मुश्किल है। दिल्ली से लेह तक के रोमांचक सफर में यह बस रोहतांग पास (13050 फीट), बारालाचा पास (16043 फीट) और तंगलांगला (17480 फीट) और लाचूंगला पास (16598 फीट) से गुजरती है।विश्व के सबसे ऊंचे और देश के सबसे लंबे दिल्ली मनाली-लेह रूट पर एचआरटीसी की ये बस सेवा 200 फीट से लेकर 16500 फीट की ऊंचाई के क्षेत्रों को पार कर गंतव्य तक पहुंचती है। फिलहाल, इस बस सेवा को दिल्ली से चंडीगढ़, बिलासपुर, मंडी, मनाली होते हुए केलांग के बीच संचालित किया जाएगा। रूट दुरुस्त होने के बाद अगले साल जून महीने में फिर से इस बस सेवा को चलाया जाएगा।
बर्फबारी और मौसम के बदलते मिजाज की वजह से कई बार यह रूट बंद हो जाता है। ऐसे में रोजाना बस संचालन करना मुश्किल है। इसी वजह से अब सेवा को केलांग तक ही संचालित करने का निर्णय लिया गया है। एचआरटीसी केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगल चंद मानेपा ने कहा कि बीआरओ से प्राप्त इनपुट के आधार पर बस सेवा को अगले साल तक के लिए बंद कर दिया गया है।उन्होंने कहा खराब मौसम और फिसलन के चलते इस बस सेवा को संचालित करने में काफी जोखिम है। इसी को देखते हुए सेवा अगले साल तक के लिए बंद कर दी गई है। दिल्ली से लेह रूट की यह बस 42 सीटों वाली सेमी डिलक्स सर्विस है। बस सेवा अगले साल के लिए बंद होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। बर्फबारी से रूट पूरी तरह बंद न होने मनाली-लेह मार्ग पर टैक्सी का संचालन जारी रहता है।टैक्सियों में प्रति यात्री 5 हजार रुपये वसूले जाते हैं। जबकि बस में यह सफर सिर्फ 470 रूपये में पूरा होता है। गौर हो कि इस रूट पर मई 2008 में सबसे पहले बस सेवा शुरू हुई थी।
अब बीते 10 साल से हर साल यह बस सेवा लेह जाने वालों के लिए उपलब्ध रहती है। दिल्ली से लेह तक का बस किराया 1360 रुपये निर्धारित है। लेह रूट का देश के लिए सामरिक दृष्टि से बहुत महत्व है।लेह के लिए दिल्ली के अलावा मनाली और केलांग से अलग-अलग तीन बसें चलती हैं। दो बसें एचआरटीसी और एक बस सेवा हिमाचल टूरिज्म विभाग की ओर से चलाई जाती है। 15 सितंबर से तीनों बस सेवाएं बंद कर दी गई है। अब अगले साल मई 2019 में यह सेवा फिर से शुरू होगी।
बर्फबारी और मौसम के बदलते मिजाज की वजह से कई बार यह रूट बंद हो जाता है। ऐसे में रोजाना बस संचालन करना मुश्किल है। इसी वजह से अब सेवा को केलांग तक ही संचालित करने का निर्णय लिया गया है। एचआरटीसी केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगल चंद मानेपा ने कहा कि बीआरओ से प्राप्त इनपुट के आधार पर बस सेवा को अगले साल तक के लिए बंद कर दिया गया है।उन्होंने कहा खराब मौसम और फिसलन के चलते इस बस सेवा को संचालित करने में काफी जोखिम है। इसी को देखते हुए सेवा अगले साल तक के लिए बंद कर दी गई है। दिल्ली से लेह रूट की यह बस 42 सीटों वाली सेमी डिलक्स सर्विस है। बस सेवा अगले साल के लिए बंद होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। बर्फबारी से रूट पूरी तरह बंद न होने मनाली-लेह मार्ग पर टैक्सी का संचालन जारी रहता है।टैक्सियों में प्रति यात्री 5 हजार रुपये वसूले जाते हैं। जबकि बस में यह सफर सिर्फ 470 रूपये में पूरा होता है। गौर हो कि इस रूट पर मई 2008 में सबसे पहले बस सेवा शुरू हुई थी।
अब बीते 10 साल से हर साल यह बस सेवा लेह जाने वालों के लिए उपलब्ध रहती है। दिल्ली से लेह तक का बस किराया 1360 रुपये निर्धारित है। लेह रूट का देश के लिए सामरिक दृष्टि से बहुत महत्व है।लेह के लिए दिल्ली के अलावा मनाली और केलांग से अलग-अलग तीन बसें चलती हैं। दो बसें एचआरटीसी और एक बस सेवा हिमाचल टूरिज्म विभाग की ओर से चलाई जाती है। 15 सितंबर से तीनों बस सेवाएं बंद कर दी गई है। अब अगले साल मई 2019 में यह सेवा फिर से शुरू होगी।