जानिए DC और SP के सम्मेलन में CM जयराम ने दिए कौन से आदेश

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अफीम और भांग को उखाड़ने तथा नष्ट करने के लिए एक प्रभावी अभियान चलाया जाएगा

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ)  : हिमाचल में नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार इस सामाजिक बुराई के विरुद्ध सख्ती निपटने के लिए एक विशेष अभियान चलाने की योजना बना रही है। इसमें उपायुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों की अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि डीसी और एसपी की भूमिका महज कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि वे अपने क्षेत्राधिकार में राज्य सरकार की नीतियों का प्रभावी कार्यान्वयन करें।यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सोमवार को शिमला में राज्य के उपायुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों के सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अफीम और भांग को उखाड़ने तथा नष्ट करने के लिए एक प्रभावी अभियान चलाया जाएगा।सोमवार को राज्य सचिवालय के सभागार में 12 बजे शुरू हुई यह बैठक शाम सात बजे तक चली।इसमें तमाम डीसी एसपी से फीडबैक भी लिया गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि सभी डीसी और एसपी को आम जनता के साथ नियमित बैठकें करनी चाहिए, जिससे सही फीडबैक मिले।उन्होंने कहा कि लोगों से सीधा संवाद राज्य के लोगों की जरूरतों तथा अपेक्षाओं के अनुरूप नीतियां तथा योजनाएं तैयार करने में सहायक सिद्ध होता है।सीएम ने कहा कि सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन में राज्य सरकार के अधिकारियों विशेषकर उपायुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों जैसे फील्ड अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार अपने कार्यकाल के इन आठ महीनों में विकास योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन में सफल रही है।

इसका श्रेय राज्य सरकार के अधिकारियों की मेहनत को जाता है। अब समय आ गया है प्रदेश सरकार की घोषित सभी योजनाओं का प्रभावी क्त्रिस्यान्वयन सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस राज्य में कानून- व्यवस्था को बेहतर बनाने में सराहनीय कार्य कर रही है।
– दो महीने के भीतर गोशालाओं को चयनित कर लें जमीन
– अवैध निर्माण और अतिक्रमण की निगरानी के लिए हर महीने बैठक
– हर जिले को मिलेगा एक-एक पुलिस पायलट वाहन
– 1953 से लेकर रिकार्ड मिलेगा डिजिटल गजिटियर पर, ऐप का लोकार्पण किया
– माई डीसी ऐप भी शुरू की
– मुख्य सचिव बोले, डीसी-एसपी सरकार की आंख और कान दोनों
– बजट में की गई घोषित 30 नई योजनाओं पर चर्चा की
– भारी वर्षा के कारण 1180.40 करोड़ रुपये का नुकसान का अनुमान

सीएम जयराम ठाकुर ने सभी डीसी को गोशालाएं बनाने को भूमि का चयन करने के के लिए दो महीने में निर्देश दिए। इस पर सीएम ने असंतोष भी जताया और कहा कि इसमें जिला प्रशासन की ढील सही नहीं है। सरकार बजट में घोषणाएं कर चुकी है, इसलिए इस पर गंभीरता बरती जाएं।मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण की निगरानी के लिए हर महीने बैठक करने को कहा। सीएम सोमवार को डीसी और एसपी की कांफ्रेंस में बोल रहे थे। इस मौके पर शहरी क्षेत्रों विशेषकर पर्यटन स्थलों में अनधिकृत निर्माण से निपटने पर विस्तृत चर्चा की गइ।यह निर्णय लिया गया कि वन भूमि पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण की निगरानी के लिए हर महीने बैठक की जाएगी। कांगड़ा, शिमला, सोलन, कुल्लू के उपायुक्तों ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण को नियंत्रित करने पर कई सुझाव दिए।मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अति विशिष्ट व्यक्तियों के दौरों के दौरान पायलट वाहन के रूप में उपयोग करने के लिए प्रत्येक जिले को वाहन उपलब्ध करवाएंगे।मुख्यमंत्री ने वर्ष 1953 से डिजिटल गजिटियर राजपत्र का भी शुभारंभ किया। अब यह गजट प्रदेश राजपत्र पोर्टल http://rajpatrahimachal.nic.in पर ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इसके आरंभ होने से हिमाचल ऐसा पहला राज्य बन गया है, जिसके सभी राज्य गैजट्स ऑनलाइन उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सिरमौर के उपायुक्त द्वारा विकसित ऐप ‘माई डीसी’ का भी शुभारंभ किया। राजस्व विभाग के तीन ऐप का भी शुभारंभ किया। इनमें एकीकृत भू-नक्शा जमाबंदी, जागरूकता जिंगल्ज और सर्कल रेट एंड्रॉयड ऐप शामिल हैं।इन ऐप से लोगों को उनकी जमीन का नक्शा पांच दिनों के भीतर प्राप्त होने की सुविधा मिलेगी। भूमि की वृत्त दर भी एंडरॉयड फोन पर एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। इन ऐप को राजस्व विभाग ने राज्य एनआईसी के सहयोग से विकसित किया है।मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने मुख्यमंत्री और उपस्थित अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक सरकार की आंख तथा कान हैं। ऐसे में उनकी प्रतिबद्धता तथा जिम्मेवारी और भी बढ़ जाती है।अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व मनीषा नंदा ने वन भूमि पर अतिक्रमण करने और इसे हटाने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर प्रस्तुति दी। पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी ने राज्य में कानून-व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुति दी।यातायात प्रबंधन और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने पर भी जानकारी दी। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. आरएन बत्ता ने बैठक की कार्रवाई का संचालन किया।इस बैठक में बजट में की गई तीस नई योजनाओं की घोषणा की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। यह भी जानकारी दी कि राज्य में चार जनमंच हो चुके हैं, जिनमें जन समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा रहा है। बैठक में राजस्व और अन्य महकमों के अधिकारियों ने बताया कि भारी वर्षा के कारण 1180.40 करोड़ रुपये की सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों का नुकसान हुआ है। अभी तक प्रभावितों को 230 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि होशियार सिंह हेल्पलाइन के तहत 855 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से 840 शिकायतों का समाधान किया गया है। गुड़िया हेल्पलाइन के तहत प्राप्त 892 शिकायतों में से 867 का निपटारा किया गया है।इस अवधि के दौरान 172 वाहनों को जब्त किया गया है, जबकि पिछले वर्ष कुल 20 वाहन जब्त किए गए थे। वन अधिनियम के तहत पिछले वर्ष पंजीकृत 125 मामलों की तुलना में 200 मामले पंजीकृत किए गए हैं।अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह बीके अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू, प्रधान सचिव, सचिव, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, विभिन्न जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, विभागाध्यक्ष और अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

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