भारत के साथ मिसाइल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएगी अमेरिकी सरकार

गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका और भारत के रक्षा सहयोगों पर एक रिपोर्ट जारी की।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : अमेरिका ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत को अपना अहम साझेदार बताया है। गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका और भारत के रक्षा सहयोगों पर एक रिपोर्ट जारी की। इसमें कहा गया है कि दोनों देशों के बीच मिसाइल रक्षा क्षेत्र में सहयोग को लेकर चर्चा जारी है। अमेरिका की तरफ से यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब पहले ही भारत और रूस एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को लेकर एक-दूसरे के करीब आए हैं।पेंटागन की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया में कई देश अपनी खुद की मिसाइल तकनीक विकसित कर रहे हैं। इनमें बैलिस्टिक से लेकर क्रूज मिसाइल तकनीक तक शामिल है। ऐसे में अमेरिका ने भी भारत के साथ मिसाइल क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की है। यह हिंद प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका की ओर से भारत को अहम साझेदार मानने की वजह से संभव हुआ है।रिपोर्ट में चीन और रूस के मिसाइल डेवलेपमेंट प्रोजेक्ट्स को अमेरिका के लिए बड़ा खतरा बताया गया है। हालांकि, इसमें यह नहीं बताया गया कि अमेरिका और भारत किस तरह मिसाइल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे।इससे पहले अमेरिका लंबे समय तक भारत को अपनी मिसाइल तकनीक देने में आनाकानी करता रहा है। कुछ ही साल पहले पड़ोसी देशों से विवाद पैदा होने के बाद भारत ने अमेरिका से उसके मिसाइल डिफेंस सिस्टम के सौदे की बात की थी। खासकर ऊंचाई पर मिसाइल को खत्म करने वाली तकनीक ‘थाड़’ की।ओबामा प्रशासन ने तब अपनी तकनीक भारत के साथ साझा करने में खास रुचि नहीं दिखाई थी। इसके बाद ही भारत ने यह तकनीक खरीदने के लिए रूस से संपर्क साधा था। पिछले साल पुतिन और मोदी के बीच एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम (जो कि थाड़ तकनीक पर ही आधारित है) को खरीदने के लिए समझौता हुआ।ट्रम्प प्रशासन ने इसके बाद से ही अपनी हिंद-प्रशांत नीति में भारत को ज्यादा महत्व देना शुरू किया है। पेंटागन की रिपोर्ट में 2017 की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (एनएसएस) के सुझावों का भी जिक्र है। इसमें कहा गया है कि हिंद महासागर और उसके आसपास के इलाकों की सुरक्षा के लिए अमेरिका भारत के साथ सहयोग बढ़ाएगा। अमेरिका इस क्षेत्र में हर तरह से भारत के नेतृत्व का समर्थन करेगा।

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