(न्यूज़लाइवनाउ-Iran) मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने इज़राइल के दक्षिणी हिस्सों पर बड़ा मिसाइल हमला किया है। यह हमला खास तौर पर अराद (Arad) और डिमोना (Dimona) शहरों को निशाना बनाकर किया गया, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हो गए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में कई बच्चे भी घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। कई इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा और कुछ जगहों पर मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका भी जताई गई है।
बताया जा रहा है कि यह हमला ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई के रूप में किया गया। इससे पहले अमेरिका और इज़राइल पर आरोप है कि उन्होंने ईरान के नतांज (Natanz) परमाणु केंद्र को निशाना बनाया था।
इसी के जवाब में ईरान ने इज़राइल के उन इलाकों पर हमला किया, जो रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाते हैं।
परमाणु केंद्र के पास हमला
डिमोना शहर इज़राइल के प्रमुख परमाणु अनुसंधान केंद्र के बेहद करीब स्थित है। ऐसे में वहां मिसाइल गिरने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, परमाणु केंद्र को किसी बड़े नुकसान या रेडिएशन लीक की पुष्टि नहीं हुई है।
इज़राइल का अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम इस हमले को पूरी तरह रोक नहीं सका। कम से कम दो मिसाइलें सीधे अपने लक्ष्य तक पहुंच गईं, जिससे भारी तबाही हुई।
हमले के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया गया। कई घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया और कुछ जगहों पर मास कैजुअल्टी (बड़े पैमाने पर घायल) जैसी स्थिति घोषित करनी पड़ी।
युद्ध के हालात
इस हमले के बाद इज़राइल और ईरान के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है। इज़राइल के प्रधानमंत्री ने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए आगे भी सैन्य कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम पूरे क्षेत्र को बड़े युद्ध की ओर धकेल सकता है।
ईरान और इज़राइल के बीच यह टकराव अब सीधे सैन्य हमलों तक पहुंच चुका है। परमाणु ठिकानों के आसपास हमले होने से स्थिति और भी संवेदनशील बन गई है। अगर जल्द ही हालात काबू में नहीं आए, तो इसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।
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