आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को कानूनी नोटिस भिजवाया

(न्यूज़लाइवनाउ-Rajasthan) राजस्थान की राजनीति में भाजपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। नागौर से सांसद तथा आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को कानूनी नोटिस भिजवाया है। साथ ही उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी रखी है।

बेनीवाल का आरोप है कि राठौड़ द्वारा उनके संबंध में की गई टिप्पणियां उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली हैं। उन्होंने कहा कि भारत का शासन संविधान और कानून के आधार पर चलता है, इसलिए किसी व्यक्ति के सामाजिक बहिष्कार जैसी बात करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार ऐसी टिप्पणी न केवल अनुचित है बल्कि कानूनी दृष्टि से भी सवाल खड़े करती है।

आरएलपी प्रमुख ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने वरिष्ठ विधि विशेषज्ञों से परामर्श लिया है। यदि आवश्यक हुआ तो वे अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं को अपनी भाषा और वक्तव्यों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए।

दूसरी ओर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने अपने रुख का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता को विरोध प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा अपनी संगठनात्मक शक्ति और जनता के समर्थन के बल पर आगे बढ़ रही है तथा उसे किसी अन्य दल के सहयोग की आवश्यकता नहीं है।

राठौड़ ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन राजनीतिक संवाद में शालीनता और मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने नेताओं को संयमित भाषा के प्रयोग की सलाह देते हुए कहा कि व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से लोकतांत्रिक वातावरण प्रभावित होता है।

इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में दोनों दलों के बीच तनाव और बढ़ गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कानूनी नोटिस के बाद यह विवाद अदालत तक पहुंचता है या फिर राजनीतिक स्तर पर ही इसका समाधान निकलता है।

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